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बजट में आम आदमी के लिए राहत कम, सपने ज्यादा

नई दिल्ली चुनावी साल और आर्थिक सुस्ती की दोहरी चुनौती के बीच पेश वर्ष 2013-14 के बजट में आम आदमी के लिए राहत कम और सपने ज्यादा हैं। वित्त मंत्री पी. चिदंबरम द्वारा बृहस्पतिवार को संसद में पेश बजट शायद ही समाज के किसी वर्ग को खुश करने का माद्दा रखता है।
इसमें एक ओर जहां आयकर और महंगाई के मोर्चे पर मध्य वर्ग और आम आदमी को कोई खास राहत नहीं है। वहीं अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण क्षेत्रों कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र को पटरी पर लाने के लिए कोई बड़ा कदम नहीं है।

वित्त मंत्री ने करों के मोर्चे पर बहुत छेड़छाड़ नहीं की है और उन्होंने आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है। आयकरदाता को पांच लाख रुपये तक की आय पर केवल 2000 रुपये की कर छूट दी है। लेकिन अमीरों पर कर को लेकर वह संजीदा दिखे और उन्होंने एक करोड़ रुपये से ऊपर की आय वाले लोगों पर 10 फीसदी का सरचार्ज लगा दिया है।

इसी तरह कंपनी कर में भी सरचार्ज में बढ़ोतरी की है। वहीं डिविडेंट वितरण कर पर भी सरचार्ज लगा दिया है। इसके साथ ही बड़ी संपत्तियों में कालेधन पर अंकुश के लिए टीडीएस का प्रावधान कर दिया है। लेकिन आम आयकरदाता के लिए उन्होंने केवल पहली बार घर खरीदने वाले लोगों को एक बार आवास ऋण में एक लाख रुपये की कर छूट दी है।

जहां तक अप्रत्यक्ष करों का सवाल है तो मुख्य दरों में कोई बदलाव नहीं किया है लेकिन उत्पाद शुल्क और सीमा शुल्क में बदलाव कर उन्होंने कुछ वस्तुओं को महंगा किया है। इसके साथ कमोडिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (सीटीटी) लगाया है जबकि एसटीटी में कमी की है।

सोने पर लोगों की आशंका को निराधार साबित करते हुए वित्त मंत्री ने विदेश से स्वर्ण आभूषण लाने की कर छूट सीमा को पुरुषों के लिए 50 हजार रुपये और महिलाओं के लिए एक लाख रुपये कर दिया है। वित्त मंत्री के इन कर प्रस्तावों से प्रत्यक्ष करों में सरकार को 13,300 करोड़ रुपये और अप्रत्यक्ष करों में 4700 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी।

असल में चिदंबरम इस बजट में कुछ बड़ा करने की स्थिति में नहीं थे क्योंकि उनको रेटिंग एंजेसिंयों को ध्यान में रखते हुए खर्च पर अंकुश लगाना था जिसके लिए वह चालू साल में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 5.2 फीसदी पर लाए और नए साल के लिए इसे 4.8 फीसदी पर रखा गया है।

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बजट में एक भी नई योजना उन्होंने लागू नहीं की। किसानों को बेहतर प्रदर्शन के लिए शाबाशी दी लेकिन केवल कृषि ऋण के लक्ष्य को सात लाख करोड़ रुपये करने जैसे सामान्य उपाय ही उन्होंने किए हैं।

कृषि और ग्रामीण क्षेत्र सहित तमाम क्षेत्रों केलिए चालू साल के खर्च को कम रखा गया है और दिखावे के लिए नए बजट में ऊंचे प्रावधान किए गए। खुद वित्त मंत्री ने स्वीकार किया है कि चालू साल में खर्च बजटीय प्रावधान से 60,000 करोड़ रुपये कम रहेगा।

वित्त मंत्री ने आगामी साल के लिए 16,65,297 करोड़ रुपये के व्यय का प्रावधान किया है जिसमें आयोजना व्यय को 5,55,322 करोड़ रुपये पर रखा है। जबकि गैर आयोजना व्यय को 11,09,975 करोड़ रुपये पर रखा है। हालांकि जिस तरह से उन्होंने बजट में सब्सिडी का कम प्रावधान किया है वह आने वाले दिनों में पेट्रोलियम उत्पादों और उर्वरकों की कीमतों में बढ़ोतरी का संकेत देता है।

उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि विकास दर बढ़ाने की जरूरत है लेकिन कोई ऐसा बड़ा कदम उन्होंने बजट में घोषित नहीं किया जिससे निवेश बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि हमें हर साल 75 अरब डॉलर चाहिए ताकि चालू खाता घाटे पर अंकुश लग सके लेकिन यह आना संभव नहीं दिखता है। 55 लाख करोड़ रुपये हमें ढांचागत सुविधाओं पर निवेश करने हैं लेकिन इसमें घोषणा से आगे बजट में कुछ ठोस नहीं है।

वित्त मंत्री ने 16.9 फीसदी की राजस्व वृद्धि दर किस आधार पर रखी है यह कहना मुश्किल है। इसी तरह उन्होंने विनिवेश से 55000 करोड़ रुपये ओर स्पेक्ट्रम की नीलामी से 40,847 करोड़ रुपये आने का अनुमान लगाया है।

छह फीसदी की आर्थिक वृद्धि दर में यह कैसे संभव है कहना मुश्किल है। चालू साल में सभी सब्सिडी बढ़ी हैं लेकिन वित्त मंत्री ने अगले साल के लिए उर्र्वरक, खाद्य और पेट्रोलियम सभी सब्सिडी को कम रखा है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू करने के लिए उन्होंने केवल 10,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी है।

बजट- 16,65,000 करोड़
पिछले साल
– 14,90,000 करोड़ 

महंगा
मोबाइल, विदेशी बाइक और कारें, एसयूवी, सेट टॉप बॉक्स, सिगरेट, सिगार और मार्बल, एसी रेस्टोरेंट में खाना खाना, सिल्क का कपड़ा, पार्किंग शुल्क।

संपत्ति खरीदना बेचना भी महंगा
50 लाख रुपये से अधिक मूल्य वाली प्रॉपर्टी बेचने या खरीदने पर एक फीसदी का टीडीएस देना होगा। लेकिन कृषि भूमि की खरीद बिक्री इस टैक्स के दायरे में नहीं आएगी।

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लग्जरी घर भी हुए महंगे
2000 वर्ग फ्लोर एरिया वाले या एक करोड़ रुपये से ज्यादा की कीमत के फ्लैट पर सर्विस टैक्स में छूट को 75 फीसदी से घटाकर 70 फीसदी किया गया।

सस्ता
जूते-चप्पल, ब्रांडेड रेडीमेड कपड़े, हस्त निर्मित कारपेट, विदेश से आने वाली चमड़े की वस्तुएं, बहुमूल्य पत्थर, 50 हजार तक का सामान विदेश से लाने पर कोई ड्यूटी नहीं, साबूदाना, ट्रक चैसिस।

शिक्षा क्षेत्र के लिए 65,867 करोड़, पिछले साल से 17 फीसदी ज्यादा।
सर्वशिक्षा अभियान के लिए 27,258 करोड़।

बजट में और क्या खास
एक लाख से ज्यादा आबादी वाले 294 शहरों में निजी एफएम रेडियो शुरू होगा।
एएमयू और बीएचयू समेत चार संस्थानों का 100-100 करोड़ रुपये का आवंटन।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को 21,239 करोड़, अब शहरों में भी शुरू होगी राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना।
जेएनएनयूआरएम के तहत 10 हजार बसें चलेंगी, पहाड़ी राज्यों को इसमें ज्यादा तवज्जो।
खाद्य सुरक्षा बिल को लागू करने के लिए सब्सिडी के अलावा 10,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान।
ग्रामीण आवास के लिए आवंटन 4000 करोड़ से बढ़ाकर 6000 करोड़ किया।
शहरों में मकानों की भारी कमी को दूर करने के लिए शहरी आवास कोष बनाने को 2000 करोड़ का आवंटन।

रक्षा क्षेत्र- 2,03,672 करोड़, 14 फीसदी की बढ़ोतरी
स्वास्थ्य क्षेत्र 37,330 करोड़, 24.3 प्रतिशत अधिक
ग्रामीण विकास मंत्रालय का आवंटन 46 फीसदी बढ़कर 80,194 करोड़ हुआ
खेती-किसानी : 27,049 करोड़ रुपये का आवंटन, 22 प्रतिशत अधिक
दलितों के लिए 41,561 करोड़
अल्पसंख्यकों के लिए 3511 करोड़
विकलांगों के लिए 110 करोड़
मिड डे मील- 13,215 करोड़
बाल विकास योजना-17,700 करोड़
कुपोषण ओर मातृत्व के लिए: 300 करोड़
साफ पानी के लिए 15,260 करोड़
मनरेगा को 33000 करोड़

1. महिलाओं पर मेहरबान वित्तमंत्री
महिलाओं के लिए बैंक इसी साल अक्तूबर से शुरू हो जाएगा। इस बैंक में सभी कर्मचारी महिलाएं होंगी और महिलाएं ही इसमें खाता खुलवा सकेंगी। इस बैंक के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, महिलाएं एक लाख रुपये तक का सोना विदेश से ला सकेंगी, जिस पर कोई ड्यूटी नहीं लगेगी।

2. 25 लाख तक के होम लोन पर राहत
25 लाख रुपये तक के होम लोन पर ब्याज में एक लाख रुपये की अतिरिक्त छूट होगी। हालांकि पहला होम लोन होने पर ही यह छूट मिल पाएगी।

3. सभी बैंक शाखाओं में खुलेंगे एटीएम 
सरकारी बैंकों को 14000 करोड़ रुपये का आवंटन। 2014 तक सरकारी बैंकों की सभी शाखाओं में एटीएम होंगे। सभी बैंक ऑनलाइन होंगे। इसके साथ ही बैंक अब बीमा पॉलिसी भी बेच सकेंगे। डाकघर भी बैंकों की तरह काम करेंगे।

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4. स्वास्थ्य बीमा योजना का दायरा बढ़ा
ऑटो वाले, रिक्शा चालक, टैक्सी ड्राइवर और सफाई कर्मी भी राष्ट्रीय स्वाथ्य बीमा योजना के दायरे में होंगे। इसके साथ ही 10 हजार से ज्यादा आबादी वाले शहरों में एलआईसी और जीआईसी के दफ्तर खुलेंगे। थर्ड पार्टी क्लेम अदालत शुरू होगी।

5. रक्षा जरूरतों से समझौता नहीं
वर्ष 2013-2014 के लिए रक्षा क्षेत्र के लिए 203672 करोड़ का आवंटन किया गया है, जिसमें सेनाओं के आधुनिकीकरण के लिए 86741 रुपये रखे गए हैं। वित्त मंत्री ने भरोसा दिलाया कि रक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए यदि और रकम की जरूरत हुई तो वह भी दी जाएगी।

6. कृषि क्षेत्र के विकास पर जोर
बजट में कृषि मंत्रालय के आवंटन में इजाफा करते हुए इसे 27143 करोड़ रुपये किया। किसानों को वर्ष 2013-14 में 7 लाख करोड़ रुपये का कर्ज देने का लक्ष्य। बुनकरों को 6 फीसदी ब्याज पर मिलेगा कर्ज। हथकरघा विकास के लिए 2400 करोड़ का प्रावधान। चावल उत्पादक राज्यों को 1000 करोड़ रुपये की मदद जारी रहेगी।

चिदंबरम के तीन वचन
वित्त मंत्री ने बजट भाषण के दौरान कहा कि महिलाओं, युवाओं और गरीबों के प्रति सरकार की खास जिम्मेदारी है और वह इसे निभाने का वादा करते हैं।

गैंगरेप की शिकार युवती को श्रद्धांजलि 
दिल्ली गैंगरेप की शिकार युवती को श्रद्धांजलि देते हुए सरकार ने बच्चियों-महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण के लिए 1000 करोड़ रुपये के निर्भय निधि नाम के फंड का ऐलान किया।

युवाओं का भी रखा खास ख्याल
युवाओं के कौशल विकास के लिए 1000 करोड़ रुपये का फंड, हर साल 90 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार दिलाने का लक्ष्य। पटियाला में 250 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय खेल प्रशिक्षण संस्थान बनाने का सुझाव। यहां कोच तैयार किए गए जाएंगे।

गरीबों को दिल खोलकर देंगे
चिदंबरम ने कहा कि आपका पैसा आपके हाथ के नारे के साथ शुरू कैश ट्रांसफर स्कीम से गरीबों को बड़ी राहत मिली है। अब तक करीब 11 लाख लाभार्थियों को सब्सिडी का सीधे लाभ उनके खातों में पहुंचाया जा चुका है। यूपीए सरकार अपने कार्यकाल में ही पूरे देश में कैश ट्रांसफर स्कीम को लागू कर देगी।

NCR Khabar News Desk

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