कहते हैं राजनीति में कब क्या हो जाए यह कोई कुछ कह नहीं सकता । बीते सप्ताह नोएडा से गए समाजवादियों ने जब अखिलेश यादव के सामने बिना ठोस तैयारी के आंकड़ेबाजी कर 2027 के विधान सभा चुनावों के लिए वैश्य समुदाय से दावेदारी दिखाई तो अखिलेश यादव ने महानगर अध्यक्ष आश्रय गुप्ता को फटकारने के अंदाज में कहा कि तुम्हारे आंकड़े गलत हैं हम ही कुछ सोचते हैं ।
समाजवादी पार्टी के लखनऊ सूत्रों की माने तो नोएडा को लेकर अखिलेश यादव बेहद चिंतित हैं और इस सीट पर सपा की जीत सुनिश्चित करना चाहते है और इसी को सुलझाने के लिए फिलहाल नोएडा के बड़े किसान ठाकुर नेता को समाजवादी पार्टी में शामिल करने की तैयारी कर ली गई है । चर्चा है कि एक बड़े किसान नेता अपनी 50 गाड़ियों के काफिले के साथ नोएडा से लखनऊ के लिए निकल चुके हैं।

पार्टी सूत्रों की माने तो कल इस बड़े नेता का खुलासा लखनऊ में सदस्यता के साथ ही हो सकता है और अगर इस नेता को टिकट दिए जाने की चर्चा सही है तो नोएडा में वर्तमान भाजपा विधायक पंकज सिंह के समक्ष एक ठाकुर नेता की चुनौती समाजवादी पार्टी पेश करेगी ।
जानकारों की माने तो भाजपा के बेहद हाई प्रोफाइल राजनेता राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह के दो बार नोएडा से रेकॉर्ड अंतर से जीतने के बावजूद नोएडा में किसानों और फ्लैट बायर्स की समस्याओं के हल ना होने के कारण नोएडा में भाजपा के विधायक पंकज सिंह के प्रति बेहद आक्रोश है और पंकज सिंह के समक्ष ठाकुर नेता को चुनावी रणभूमि में उतर कर अखिलेश यादव इस आक्रोश को और बढ़ा देना चाहते हैं ।
चर्चा तो यहाँ तक है कि भाजपा के 2 बार के विधायक पंकज सिंह ने भी बीते दिनों एक सर्वे नोएडा सीट पर कराया है जिसमे ये कहा गया है कि विपक्ष के कमज़ोर प्रत्याशी होने के चलते ही भाजपा यहाँ जीत रही है, अगर विपक्ष एक जुट होकर यहाँ किसी दमदार चेहरे को उतार दे तो नोएडा सीट भाजपा के लिए अजेय नहीं रहेगी
नोएडा में बीते चुनाव में 2 लाख से ज्यादा वोटो से हारने के कारण समाजवादी पार्टी का ध्यान भाजपा से नाराज किसानों के 1 लाख, रजिस्ट्री ना होने वाले बायर्स के 1 लाख और शहर के लगभग 30000 ठाकुर वोटो पर है ।
सपा की रणनीतिकारों का मानना है की वर्तमान नोएडा महानगर अध्यक्ष फ्लैट बायर्स और किसानों के वोट सपा के पक्ष में लेने में नाकाम साबित हुए हैं। ऐसे में यदि किसी स्थानीय किसान ठाकुर नेता को ही सपा में शामिल कर लिया जाए तो एक नई रणनीति को अंजाम दिया जा सकता है और भाजपा के खिलाफ उठ रहे असंतोष का फायदा उठाकर इस सीट पर जीत सुनिश्चित की जा सकती है ।
ऐसे में यदि सब कुछ सही रहा तो इस नवरात्रि सपा की रणनीति भाजपा के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर देगी और कल तक इस रणनीति का खुलासा एनसीआर खबर सबसे पहले अपने पाठकों को देगा।


