गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने शहर के विकास और नागरिकों की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए अपनी विभिन्न परियोजनाओं के कार्यान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। इसी क्रम में मंगलवार को जीडीए के उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने प्राधिकरण की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी की जाएं, ताकि गाजियाबाद के नागरिकों को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके।
उपाध्यक्ष कलाल का निरीक्षण दौरा इंदिरापुरम स्थित प्रतिष्ठित कैलाश मानसरोवर भवन से शुरू हुआ, जिसे हाल ही में जीडीए को हैंडओवर किया गया है। यह भवन न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र है, बल्कि गाजियाबाद के सामाजिक ताने-बाने में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उन्होंने भवन के सुचारु संचालन और बेहतर प्रबंधन के लिए शीघ्र ही एक उपयुक्त फर्म का चयन करने के निर्देश दिए। इसके लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ई.ओ.आई.) आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है। अधिकारियों ने उपाध्यक्ष को अवगत कराया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप, इस भवन की देखरेख और संचालन अब सीधे जीडीए स्तर से किया जा रहा है, जिससे इसकी कार्यप्रणाली में अधिक दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

इसके बाद, उपाध्यक्ष ने तुलसी निकेतन कॉलोनी का दौरा किया, जहां उन्होंने भवनों का गहन निरीक्षण किया और कॉलोनी के रि-डेवलपमेंट (पुनर्विकास) योजना से संबंधित संभावनाओं पर अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस redevelopment योजना के तहत भवनों का निर्माण और नवीनीकरण उच्चतम गुणवत्ता मानकों के साथ और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए, ताकि निवासियों को आधुनिक एवं सुरक्षित आवास उपलब्ध हो सकें। यह योजना क्षेत्र के निवासियों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने और शहरी नियोजन में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
कोयल एंक्लेव योजना के अंतर्गत विकसित किए जा रहे रामायण थीम पार्क का निरीक्षण करते हुए उपाध्यक्ष कलाल ने इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रामयण थीम पार्क का निर्माण कार्य हर हाल में सितंबर 2026 की निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण कर लिया जाए। यह पार्क गाजियाबाद के सांस्कृतिक और पर्यटन परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण आयाम जोड़ेगा। इसी योजना के तहत, उन्होंने अनसोल्ड (न बिके हुए) बहुमंजिला भवनों के विक्रय और निस्तारण के लिए शीघ्र कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया, जिससे इन संपत्तियों का समुचित उपयोग हो सके। साथ ही, क्षेत्र की सफाई व्यवस्था में सुधार लाने और उसे स्थायी रूप से बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया, जो नागरिकों के स्वास्थ्य और स्वच्छ वातावरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

अपने दौरे के दौरान, उपाध्यक्ष कलाल ने सिटी फॉरेस्ट का भी स्थलीय निरीक्षण किया और वहां चल रहे विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि सिटी फॉरेस्ट जैसे हरित क्षेत्रों का विकास जनहित को ध्यान में रखते हुए उच्च गुणवत्ता मानकों पर किया जाना चाहिए। यह स्थान शहरवासियों के लिए मनोरंजक और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।
इसके अतिरिक्त, उपाध्यक्ष ने हिंउन नदी छठ घाट के जीर्णोद्धार कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि छठ घाट के जीर्णोद्धार का कार्य जनसुविधा को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए। यह कार्य छठ पर्व मनाने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
निरीक्षण के समापन पर, नंद किशोर कलाल ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीडीए की सभी परियोजनाएं केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि ये सीधे नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और शहर के समग्र विकास से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी ढंग से पूरा किया जाए।
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष के साथ सचिव राजेश कुमार सिंह, प्रभारी चीफ इंजीनियर आलोक रंजन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने हर परियोजना के विभिन्न पहलुओं जैसे निर्माण की गुणवत्ता, समयबद्धता और जनसुविधा पर विशेष ध्यान दिया। उपाध्यक्ष ने अंत में दोहराया कि जीडीए की यह प्रतिबद्धता है कि शहर में सभी परियोजनाओं को इस तरह संचालित किया जाए कि नागरिकों को उच्च गुणवत्ता, सुरक्षा और सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध हों, जिससे गाजियाबाद एक प्रगतिशील और जीवंत शहर के रूप में उभरे।


