नोएडा–गाजियाबाद एनएच–9 पर सेक्टर-62 के मॉडल गोलचक्कर पर बनने जा रहा है 530 मीटर लंबा ‘जिरो-आकार’ स्काईवॉक,प्राधिकरण ने बुधवार को किया डिमार्केशन, 40 करोड़ रुपये से होगा निर्माण

NCR Khabar Internet Desk
3 Min Read

सेक्टर-62 स्थित मॉडल गोलचक्कर के आसपास पैदल यात्रियों के लिए अब तेज रफ्तार वाहनों के बीच से गुजरने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। नोएडा प्राधिकरण की नोएडा ट्रैफिक सेल (एनटीसी) ने बुधवार को एनएच-9 और मॉडल गोलचक्कर के बीच 530 मीटर लंबा तथा चार मीटर चौड़ा जिरो-आकार (वृत्ताकार) स्काईवॉक बनाने का डिमार्केशन किया। कार्य की शुरुआत इसी सप्ताह में कर दी जाएगी। परियोजना में कुल 40 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

- Support Us for Independent Journalism-
Ad image

डिमार्केशन मौके पर एनटीसी के महाप्रबंधक एस. पी. सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक विश्वास त्यागी तथा निर्माण कंपनी एसटी कंस्ट्रक्शन के प्रतिनिधि मौजूद रहे। महाप्रबंधक एस. पी. सिंह ने अधिकारियों को काम का स्टार्ट-अप कराने और आवश्यक उपकरण स्थल पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

“यह स्काईवॉक सेक्टर-62 स्थित मॉडल गोलचक्कर को एनएच-9 पर बने फुटओवर ब्रिज (एफओबी) से जोड़ेगा। इससे दिल्ली, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़ व बुलंदशहर से प्रतिदिन नोएडा में व्यापार-व्यवसाय या कामकाज के सिलसिले में आने वाले लगभग आठ लाख पैदल यात्रियों को बड़ा आराम मिलेगा,” एस. पी. सिंह ने बताया।

प्रस्ताव को आईआईटी दिल्ली भेजा गया था

प्राधिकरण ने इस स्काईवॉक का प्रारूप-चित्र (ड्राइंग डिजाइन) तैयार कर बजट मंजूरी के लिए आईआईटी दिल्ली को भेजा था। जुलाई में अर्थशास्त्र एवं योजना अनुदान समिति से अंदाजा खर्च (बजट) को हरी झंडी मिली। उसके बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर परियोजना के लिए एसटी कंस्ट्रक्शन कंपनी का चयन किया गया था। बुधवार को स्थल की सीमाएँ चिह्नित कर काम शुरू करने का मार्ग प्रशस्त कर दिया गया।

- Advertisement -
Ad image

स्काईवॉक में इन सुविधाओं का होगा समावेश

  • 530 मीटर लंबा, चार मीटर चौड़ा वृत्ताकार मार्ग
  • नोएडा की दिशा में दो कोनों पर एस्केलेटर (स्वचलित सीढ़ियां)
  • नेशनल हाईवे की तरफ के दो कोनों पर यात्री लिफ्ट
  • गोल चक्कर पर बने मौजूदा एफओबी से सीधा कनेक्शन
  • शीर्ष पर छज्जा या लोहे की चद्दर, जिससे धूप-बारिश से बचाव हो
  • नीचे से मजबूत पिलरों पर आधारित संरचना

यातायात जाम से मिलेगी निजात
लखनऊ स्थित क्षेत्रीय नगर एवं पर्यावरण अध्ययन केंद्र (आरएनएसडीसी) की सर्वे रिपोर्ट में भी इस स्थान पर पैदल यातायात और वाहनों का मिक्स होने के कारण प्रतिदिन लंबा ट्रैफिक जाम होता पाया गया था। रिपोर्ट में कहा गया कि गोलचक्कर पर चारों ओर से आने वाले पैदल यात्रियों को केंद्रीकृत रूप से एक ही संरचना से जोड़ने पर गति बनी रहेगी और दुर्घटनाओं की आशंका भी घटेगी।

स्काईवॉक पूरा होने के बाद गाजियाबाद से नोएडा आने वाले यात्री भी सीधे नेशनल हाईवे पार कर सेक्टर-62 में आ सकेंगे, जबकि अब उन्हें थोड़ी दूर बने एफओबी का चक्कर लगाना पड़ता है।

Share This Article
एनसीआर खबर दिल्ली एनसीआर का प्रतिष्ठित हिंदी समाचार वेब साइट है। एनसीआर खबर में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय,सुझाव और ख़बरें हमें mynews.ncrkhabar@gmail.com पर भेज सकते हैं या 09654531723 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं हम आपके भरोसे ही स्वतंत्र ओर निर्भीक ओर दबाबमुक्त पत्रकारिता करते है I इसको जारी रखने के लिए हमे आपका सहयोग ज़रूरी है I अपना सूक्ष्म सहयोग आप हमे 9654531723 पर PayTM/ GogglePay /PhonePe या फिर UPI : 9654531723@paytm के जरिये दे सकते है