गाजियाबाद। हापुड़-मधुबन बापू धाम-मेरठ एक्सप्रेसवे के कनेक्टिविटी परियोजना के विकास का शीर्ष अधिकारियों ने नए सिरे से लिया है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के निर्देश पर यह लंबित परियोजना अब नए समयसीमा में पूरी होगी। 8 साल लंबित रहने के बाद, परियोजना के अगले 5 महीनों में तिराहा होने की संभावना है।
8 साल के लंबित योजना की गति
मधुबन बापू धाम इलाके में हापुड़ रोड और मेरठ रोड के बीच बने रखा जाने वाला रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) और अंडरपास 2015 से लंबित था। समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया गया कि सेतु निगम ने अपने परियोजना हिस्सा पूरा कर लिया है, जबकि रेलवे अधिकारी अपने विभाग के कार्य को तेजी से पूरा कर रहे हैं। कलाल ने कहा, “संयुक्त प्रयासों से यह परियोजना जल्द पूरी की जाएगी, जिससे लोगों को लाभ होगा।”
परियोजना के तकनीकी विवरण
लंबाई: 600 से 751 मीटर तक
सुविधा: 4-लेन रोड + एक अंडरपास
कुल लागत: अभी बनामे जा रही
उद्देश्य: हापुड़-मेरठ रूट पर यात्रा तेज और सुरक्षित बनाना
शुरुआती अनुमानों के अनुसार, परियोजना पूर्ण होने वाला हापुड़ से मेरठ जाने वालों को हापुड़ चुंगी से जानेकी आवश्यकता नहीं होगी, जिससे 14 किलोमीटर के अतिरिक्त सफर का कटौती होगी। मधुबन बापू धाम, गोविंदपुरम, स्वर्ण जयंती पुरम और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले 5 लाख से अधिक नागरिकों के दैनिक यातायात जाम में बचा जाएगा, जिससे वे समय और ईंधन की बचत कर पाएंगे।
महत्वपूर्ण कार्य विवरण
चार लेन के ROB हापुड़-मेरठ यात्रा को सीधा बनाएगा।
अंडरपास पारमार्शियल तिरकला लेन रोड को अवरुद्ध करेगा।
कलाल ने स्पष्ट किया कि जीडीए, सेतु निगम और रेलवे के बीच मजबूत समन्वय के बीच परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने की गारंटी दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि अंतिम उंगलियों की बरामदा तैयारी में है, और सभी दृश्यों के बाद बाहर निपटाया जाएगा।



