आशु भटनागर । जनपद गौतम बुद्ध नगर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया ने अंतिम चरण में प्रवेश कर लिया है। जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी मेधा रूपम के कुशल नेतृत्व में चल रहे इस महत्वपूर्ण कार्य के अब तक लगभग 92 प्रतिशत तक संपन्न होने की सूचना है। यह प्रक्रिया मतदाताओं की सूची को अद्यतन, सटीक और त्रुटि रहित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आगामी चुनावों को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने की राह सुगम होगी।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी अतुल कुमार द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, जनपद के कुल 18,65,673 मतदाताओं में से 99.79 प्रतिशत तक SIR गणना प्रपत्रों की पहुंच सुनिश्चित की जा चुकी है। इन प्राप्त प्रपत्रों में से 72.04 प्रतिशत मतदाताओं से भरे हुए प्रपत्रों को सफलतापूर्वक वापस प्राप्त कर उनका डिजिटाइजेशन (डिजिटल रूप में रूपांतरण) भी पूरा कर लिया गया है। डिजिटाइजेशन की यह प्रक्रिया सूची के प्रबंधन और भविष्य में त्वरित अद्यतन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
19.45% मतदाताओं के नाम हटने की आ रही जानकारी
SIR प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण पहलू अनुपस्थित, पलायन कर चुके या डुप्लीकेट पाए गए मतदाताओं की पहचान करना है। इन श्रेणियों में कुल 19.45 प्रतिशत मतदाताओं को चिन्हित किया गया है। यह आंकड़ा बताता है कि मतदाता सूची में कुछ ऐसे नाम भी शामिल हैं जो अब सक्रिय रूप से मतदान करने के योग्य नहीं हैं या किसी अन्य कारणवश सूची में बने हुए हैं।
विस्तृत विश्लेषण के अनुसार, इन 19.45 प्रतिशत मतदाताओं में से:

- 1.84 प्रतिशत मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है। यह उन व्यक्तियों के नामों को सूची से हटाने की एक आवश्यक प्रक्रिया है, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं।
- 5.38 प्रतिशत मतदाता अनुपस्थित पाए गए हैं। ऐसे मतदाता जो अपने वर्तमान पते पर नहीं मिल रहे हैं, उन्हें भी सूची से हटाया जाना तर्कसंगत है ताकि फर्जी मतदान की संभावनाओं को कम किया जा सके।
- 10.30 प्रतिशत मतदाता ऐसे पाए गए हैं जो जनपद से कहीं अन्यत्र चले गए हैं। यह एक बड़ी संख्या है और उन मतदाताओं को इंगित करती है जिन्होंने अपना निवास स्थान बदल लिया है। ऐसे मतदाताओं के नाम को अद्यतन करने या सूची से हटाने से मतदाता सूची की प्रासंगिकता बनी रहती है।
- 1.54 प्रतिशत मतदाताओं को डुप्लीकेट या फर्जी पाया गया है।
निष्पक्ष चुनाव की दिशा में अहम कदम
जिलाधिकारी मेधा रूपम के निर्देशानुसार, SIR प्रक्रिया का मूल उद्देश्य मतदाता सूची को विश्वसनीय बनाना है। प्रत्येक नागरिक का एक ही स्थान पर सटीक पंजीकरण सुनिश्चित करना और ऐसे नामों को हटाना जो अब मतदान प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन सकते, निर्वाचन विभाग की प्राथमिकता रही है। इस प्रक्रिया के लगभग 92 प्रतिशत तक संपन्न होने से यह स्पष्ट है कि जनपद में मतदाता सूची को अद्यतन करने का कार्य काफी हद तक पूरा हो चुका है।
अपर जिलाधिकारी अतुल कुमार ने इस प्रक्रिया में लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि शेष बचे हुए कार्यों को भी निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। SIR प्रक्रिया के सफल समापन के बाद, मतदाता सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा, जो आगामी चुनावों को सुचारू रूप से संपन्न कराने की नींव रखेगी।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि 19.45 प्रतिशत मतदाताओं के नाम सूची से हटने की यह संभावना एक प्रारंभिक अनुमान है। अंतिम निर्णय संबंधित जांच और सत्यापन के बाद ही लिया जाएगा। हालांकि, यह स्पष्ट है कि निर्वाचन विभाग मतदाता सूची की सटीकता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस प्रक्रिया से न केवल फर्जी मतदान पर अंकुश लगेगा, बल्कि योग्य मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने में भी सुविधा होगी।


