उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को नया अध्यक्ष मिल गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार को यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग का नया अध्यक्ष बनाया है। यह नियुक्ति शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि आयोग के माध्यम से यूपी में माध्यमिक और उच्च शिक्षा के टीचरों की भर्ती होनी है।
प्रशांत कुमार का परिचय प्रशांत कुमार 1990 बैच के आईपीएस अफसर हैं और मूल रूप से बिहार के सीवान जिले के रहने वाले हैं। वह यूपी में सीएम योगी के सबसे करीबी आईपीएस अफसर में उनकी गिनती होती थी। प्रशांत कुमार करीब 1.5 साल तक कार्यवाहक डीजीपी के रूप में काम किया और अपनी ड्यूटी के दौरान 300 से अधिक एनकाउंटर किए। उन्होंने ADG मेरठ जोन, डीजी कानून-व्यवस्था और डीजी आर्थिक अपराध शाखा जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी काम किया है।
प्रशांत कुमार की शैक्षिक योग्यता प्रशांत कुमार के पास 3-3 मास्टर डिग्रियां हैं। उन्होंने तमिलनाडु कैडर से तबादला करवाने के बाद साल 1994 में प्रशांत कुमार यूपी कैडर ज्वॉइन किया था। प्रशांत कुमार डिजास्टर मैनेजमेंट से एमबीए भी कर चुके हैं। वे अप्लाइड जूलॉजी में एमएससी कर चुके हैं और डिफेंस और स्ट्रैटेजिक स्टडीज में एफफिल की पढ़ाई भी कर चुके हैं। प्रशांत कुमार को चार बार राष्ट्रपति से पुलिस मेडल भी मिल चुका है।
परिवारिक जानकारी प्रशांत कुमार के पिता का नाम ललन प्रसाद है। प्रशांत कुमार की पत्नी डिंपल वर्मा भी IAS अधिकारी रह चुकी हैं और_UP RERA में सदस्य के तौर पर कार्यरत हैं। पिछले साल दिसंबर माह में प्रशांत कुमार DG रैंक में प्रमोट हुए थे।

नियुक्ति का महत्व प्रशांत कुमार की नियुक्ति यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष के रूप में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आयोग के माध्यम से यूपी में माध्यमिक और उच्च शिक्षा के टीचरों की भर्ती होनी है, जो राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रशांत कुमार की अनुभव और योग्यता इस पद के लिए उपयुक्त मानी जा रही है, और उनकी नियुक्ति से आयोग को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद है।


