एनएक्स-वन डॉट कॉम नामक कामर्शियल प्रोजेक्ट में धोखाधड़ी का गंभीर मामला सामने आया है। गाजियाबाद निवासी शिकायतकर्ताओं सुहैल अख्तर सिद्दीकी और सुहेब अख्तर सिद्दीकी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बताया गया है कि वर्ष 2014 में एसपी साई आईटी प्राइवेट लिमिटेड और अन्य कंपनियों ने ग्रेटर नोएडा के टेक जोन-4 स्थित एनएक्स-वन डॉट कॉम में दुकानें बेचने का सार्वजनिक प्रस्ताव दिया था। इस प्रोजेक्ट की मार्केटिंग के दौरान बिल्डर ने यह भरोसा दिलाया कि निर्माण कार्य समयसीमा में पूरा किया जाएगा और भौतिक कब्जा भी दिया जाएगा। शिकायतकर्ताओं ने इस भरोसे के चलते 1005 वर्गफुट क्षेत्रफल की एक कामर्शियल यूनिट बुक कराई, जिसकी बेसिक कीमत 50.26 लाख रुपये निर्धारित की गई थी।
2 मार्च 2017 को दोनों पक्षों के बीच एक अलॉटमेंट-कम-एग्रीमेंट हुआ। शिकायतकर्ताओं ने इस प्रोजेक्ट के लिए जुलाई 2014 से जुलाई 2017 के बीच चेक, नकद और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के माध्यम से कुल 16.10 लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया। सभी वित्तीय लेनदेन की रसीदें भी बिल्डर द्वारा जारी की गईं। एग्रीमेंट के अनुसार, यूनिट का भौतिक कब्जा 2 मार्च 2020 तक दिया जाना था, लेकिन आज भी शिकायतकर्ताओं को कब्जा नहीं मिल सका।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बिल्डर ने बिना किसी वैधानिक अनुमति के प्रोजेक्ट का लेआउट बदल दिया। उनकी बुक की गई दुकान, जिसे पहले फ्रंट एरिया में दिखाया गया था, उसे बाद में पीछे की ओर शिफ्ट कर दिया गया। इसके अलावा, पिछले कई वर्षों से प्रोजेक्ट साइट पर गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बारिश का पानी जमा हो जाता है, जिससे सुरक्षा और स्वच्छता का गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है।

जब शिकायतकर्ता प्रोजेक्ट साइट तथा बिल्डर के मुख्य कार्यालय पहुंचे, तो वहां मौजूद बाउंसरों और स्टाफ ने उनके साथ अभद्रता की और गाली-गलौज करते हुए मारपीट करने की कोशिश की। इस घटना ने बाज़ार में सुरक्षा और ग्राहक संतोष के मुद्दों को भी उजागर किया है।
कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और शिकायतकर्ताओं को न्याय प्रदान किया जाएगा।


