नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने सभी विभागों की हालिया समीक्षा बैठक में संगठन के विकास और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में अवैध निर्माण, भू-अधिकार, और ई-ऑफिस के कार्यान्वयन जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।
अवैध निर्माण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए, प्राधिकरण ने दोषियों की पहचान कर उन्हें भू-माफिया घोषित करने की प्रक्रिया को तेज करने का निर्णय लिया। इसके तहत, जिलाधिकारी, गौतमबुद्ध नगर को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। इस कदम का उद्देश्य अवैध निर्माणों पर नियंत्रण पाना और क्षेत्र में अनुशासन स्थापित करना है।
बैठक में यूनिफाइड पॉलिसी के तहत वाणिज्यिक, संस्थागत, नर्सिंग होम, IT-ITeS और कॉरपोरेट सेक्टर के लिए भूखंड आवंटन योजना को प्रकाशित करने का निर्णय भी लिया गया। इससे संबंधित भूखंडों की सूची को अंतिम रूप दिया गया है, जो आने वाले दिनों में संभावित निवेशकों के लिए उपलब्ध होगी।
आवासीय भूखंड विभाग ने एक सफल ई-ऑक्शन की घोषणा की, जिसमें 34 भूखंडों के लिए 118 करोड़ रुपये की जगह 204 करोड़ रुपये की बोली प्राप्त हुई। यह प्राधिकरण के लिए एक सकारात्मक संकेत है और क्षेत्रीय विकास में योगदान देने वाली एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

इसके अतिरिक्त, प्राधिकरण ने पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए सभी दफ्तरों को विभिन्न जंक्शन के सुधार कार्य शीघ्रता से पूरा करने का भी आदेश दिया।
ई-ऑफिस के कार्यान्वयन में धीमी प्रगति पर रोष प्रकट करते हुए, प्राधिकरण ने सभी विभागों को जल्द से जल्द इस प्रणाली को लागू करने का निर्देश दिया। यह कदम प्रबंधन दक्षता को सुधारने और कार्यों में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
इन सभी निर्णयों के द्वारा, नोएडा प्राधिकरण ने न केवल विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं, बल्कि क्षेत्र में स्थिरता और अनुशासन को भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया है। आने वाले समय में इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।


