उत्तर प्रदेश में आने वाले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास के साथ उद्योग की संभावनाओं वाले शह5`र गौतम बुध नगर में लोगों की सहूलियत पर यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह कितने तत्पर है, इसका अंदाजा आप इस क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस वे के स्लिप रोड से उतरने चढ़ने वालों से लिए जाने वाले टोल टैक्स को लेकर लगा सकते हैं । लोगों के आरोप हैं कि आवासीय औद्योगिक एवं व्यावसायिक क्षेत्र में अभी ना बसावट हुई है, ना उद्योग आए हैं। किंतु जो 10 फैक्ट्री लगी हैं उनमें आने-जाने के लिए भी टोल बूथ लगा दिए गए हैं और उनसे ₹80 प्रति वाहन के हिसाब से वसूली आरंभ हो गई है ।
सोशल मीडिया पर परोपकारी पहल फाउंडेशन के न्यासी सुखदेव शर्मा ने यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह को संबोधित करते हुए सेक्टर 32, 33, 28, 29 के पास वाले टोल की वसूली पर रोक लगाने की मांग की है सुखदेव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अगर नोएडा के उद्यमी अपना व्यवसाय लगते हैं तो उनका रोजाना आना-जाना होगा और जो उनमें कार्यरत कर्मचारी को भी रोजाना वहां आना-जाना होगा ऐसे में उनका रोजाना टोल टैक्स देना सरासर गलत है। इसके साथ ही आवासीय सेक्टर भी हैं अगर नोएडा का निवासी अपना निवास वहां बनाते हैं और वह नोएडा में कार्य करने आते हैं तो उनको भी प्रतिदिन टोल टैक्स का भुगतान करना पड़ेगा ऐसे में जेवर टोल से पहले जितने भी स्लिप रोड पर टोल प्लाजा बना दिए गए हैं उनको हटाए जाने ओर टोल की वसूली को बंद किए जाने की आवश्यकता है ।
ऐसे में बड़ा प्रश्न यह है कि प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह इस टोल से वसूली पर चुप क्यों हैं ? आखिर क्या कारण है कि जिस क्षेत्र में प्राधिकरण के तमाम दावों के बावजूद अभी तक उद्योगों को लगाए जाने के लिए प्रयास ही किया जा रहे हैं वहां पर ऐसे कार्यों से क्या उद्योग लगाने की संभावनाओं को झटका नहीं लगेगा क्या यहां जिन लोगों ने अपने प्लॉट खरीद लिए हैं उनको इस क्षेत्र में बसने के लिए फिर से सोचना नहीं पड़ेगा । आखिर यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे बसे शहर के लोगों को टोल टैक्स देना ही क्यों पड़ रहा है ?
सीईओ राकेश कुमार सिंह से एनसीआर खबर के 5 प्रश्न
6 माह बाद भी सीईओ समस्याओ से अनजान क्यूँ ?
टोल वसूली पर ज़मीनी सच से सीईओ ने क्यूँ हैं अनजान ?
क्या सीईओ को नहीं है लोगो का ध्यान ?
एअरपोर्ट के चारो ओर इतने टोल होंगे तो कैसे आयेंगे लोग?
जो स्लिपरोड प्राधिकरण ने बनाये उन पर टोल कम्पनी की वसूली क्यूँ?
आपको याद दिला दें इसी तरीके से नोएडा में डीएनडी फ्लाईओवर पर भी टोल की वसूली को लेकर मुद्दा बनाया गया था जिसके बाद टोल को बनाए जाने और उसकी वसूली की शर्तों और वसूली पर जब कोर्ट ने रिपोर्ट मांगी तो पता लगा कि नियमों को तक पर रखकर टोल कंपनी को फायदा पहुंचाया जा रहा था ।

अब देखना ये है यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह आम लोगों की शिकायत पर क्या कार्यवाही करते हैं। क्या वो आम लोगों की इस समस्या को गंभीरता से लेंगे या फिर टोल कंपनियां को वसूली की हरी झंडी जारी रहेगी ।


