लखनऊ: पुराने शहर स्थित एलडीए के बसंतकुंज योजना के अंतर्गत, 65 एकड़ में फैला “राष्ट्र प्रेरणा स्थल” अब पूरी तरह से तैयार हो चुका है और उद्घाटन की प्रतीक्षा कर रहा है। यह स्थल एक शानदार कमल के आकार में डिज़ाइन किया गया है, जो भारत की सांस्कृतिक धरोहर और एकता का प्रतीक है। फिलहाल, यहां फिनिशिंग का कार्य किया जा रहा है, ताकि यह स्थल प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन के लिए 25 दिसंबर तक पूरी तरह तैयार हो सके।
समर्पित प्रतिमाएं: कांस्य की त्रिमूर्ति
प्रेरणा स्थल पर स्थापित की जाने वाली भारत माता की सुदर्शन चक्र लिए हुए प्रतिमा, कमल के फूल और दीये की आकृति के बड़े मॉडल सभी कांस्य से बने हैं और इनकी ऊंचाई 65 फीट है। इन प्रतिमाओं के निर्माण में कुल 21 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इन अद्भुत रचनाओं के पीछे हैं प्रसिद्ध मूर्तिकार रामसुतार और माटूराम, जिन्होंने पहले ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ को भी बनाया है। इन प्रतिमाओं के साथ-साथ तीनों विभूतियों से जुड़ी यादों को संजोने के लिए एक म्यूजियम भी विकसित किया जा रहा है, जिसके निर्माण पर 232 करोड़ रुपये की लागत आई है।
म्यूजियम की अनूठी विशेषताएं
म्यूजियम ब्लॉक में सभी आवश्यक कार्य पूर्ण हो चुके हैं और इसे सजाने का कार्य अब जारी है। म्यूजियम में तीनों महान विभूतियों के जीवन से जुड़ी जानकारी प्रदान की जाएगी, जिसमें उनके संघर्ष एवं उपलब्धियों को दर्शाया जाएगा। यह म्यूजियम लगभग 6300 वर्गमीटर में फैला है, जिसमें वीवीआईपी और सामान्य जन के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार हैं।
यहां निर्मित पांच गैलरियों में स्टोन म्यूरल्स और डिजिटल पैनल पर ऑडियो-वीडियो विजुअल्स के माध्यम से जीवन चक्र को दर्शाया जाएगा। जानकारों के अनुसार, इस म्यूजियम के प्रमुख मॉडल में दीये का आकार विशेष रूप से दर्शाया जाएगा, जो जनसंघ की पहचान के तौर पर भी जाना जाता है।

अन्य सुविधाएं और विशेषताएं
प्रेरणा स्थल के निर्माण में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है। यहां ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था की गई है, जिससे आवागमन सरल होगा। प्रतिमाएं रात में विभिन्न रंगों के वस्त्रधारी दिखेंगी, जिसे प्रोजेक्शन तकनीक के जरिए संभव बनाया जाएगा।
इस स्थल में सबसे ऊंचा और बड़ा मचान भी निर्मित किया गया है, जिसमें 3000 लोगों की क्षमता का एम्फीथिएटर और 2 लाख लोगों की क्षमता वाला विशाल मैदान शामिल है। यहाँ तीन हैलीपैड भी बनाए गए हैं, जो वीवीआईपी आगंतुकों के लिए सुविधाजनक होंगे।
एलडीए के मुख्य अभियंता नवनीत शर्मा ने इस प्रोजेक्ट की प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए कहा, “प्रेरणा स्थल का कार्य पूरा हो चुका है और म्यूजियम की फिनिशिंग का काम 15 दिसंबर तक पूरा होगा। हम 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री के हाथों इसके उद्घाटन की योजनाएं बना रहे हैं।”
आगंतुकों में इस स्थल को लेकर विशेष उत्साह है। इसकी अद्वितीय रचना और भारतीय इतिहास के साथ जुड़े घटनाक्रमों का समावेश इसकी शोभा को और बढ़ाता है। प्रेरणा स्थल न केवल लखनऊ की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए गर्व का भी कारण बनेगा।


