आशु भटनागर । बीते वर्ष दिसंबर में इन्हें देना नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉक्टर लोकेश एम ने नोएडा वीडियो को प्रदूषण के बीच खुश होने का मौका देते हुए नोएडा नगर के बीचोबीच एक भव्य गुलदाउदी उत्सव का तीन दिवसीय आयोजन करवाया था। प्रदूषण की मार से त्रस्त नोएडा वासी को यह उत्सव इतना पसंद आया कि लाखों लोग यहां पहुंचे । भीड़ इस कदर थी कि नोएडा प्राधिकरण को यह सब एक दिन और बढ़ाना पड़ा था ।




मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक डॉ लोकेश एम के चर्चे हुए । लोगों ने कहा कि पहली बार सीईओ डॉ लोकेश एम की पहल पर प्राधिकरण ने कंक्रीट के जंगल में तीन दिन के लिए ही सही लोगों को प्रकृति के साथ रहने का मौका दिया । स्वयं डॉ लोकेश एम ने भी इसे प्रत्येक वर्ष ऐसे ही भव्य स्वरूप में करवाने का वादा भी किया किंतु ऐसा लगता है कि नोएडावासियों के साथ किया गया डॉक्टर लोकेश एम का वह वादा कहीं खो गया है।
मुझे सिलसिला फिल्म का गाना याद आ गया नीला आसमान खो गया ओर शायद इस वर्ष नोएडा प्राधिकरण सो गया या फिर इस भव्य उत्सव का विचार प्राधिकरण की फाइलों में कहीं खो गया ।
लोगो की मांग पर एनसीआर खबर ने लोगों के ओर से इसको लेकर नोएडा प्राधिकरण में पता करना शुरू किया जिसके बाद पता लगा कि इस वर्ष इस कार्यक्रम के लिए कोई योजना बनाई ही नहीं गई ।

नोएडा प्राधिकरण के उद्यान विभाग को संभाल रहे अधिकारी ने बताया कि इस बार फ्लोरीकल्चर समिति के साथ होने वाले इस कार्यक्रम से नोएडा प्राधिकरण ने अपने हाथ खींच लिए । जिसके बाद फ्लोरीकल्चर समिति ने इसे नोएडा में ही कही छोटे से स्तर पर आयोजित किया जिसका पता नोएडा के लोगों को तो छोड़िए मीडिया तक को नहीं चला ।
ऐसे में बड़ा प्रश्न यह है कि बीते वर्ष नोएडा के लोगों के लिए जिस उत्सव और परंपरा को डॉक्टर लोकेश एम ने शुरू किया था आखिर वह इस वर्ष क्यों खो गई है क्या नोएडा प्राधिकरण में सीईओ और अधिकारियों के बीच कोई अघोषित शीत युद्ध शुरू हो गया है । क्या 1 वर्ष में डॉ लोकेश एम द्वारा लिए गए सख्त निर्णय से नीचे के अधिकारियों ने डॉ लोकेशन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है या फिर प्राधिकरण पर लगाये जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपो पर सुप्रीम कोर्ट की जांच के बीच डॉ लोकेश एम ने ऐसी गतिविधियों पर अपने कदम पीछे खींच लिए है । उत्तर के लिए उसी गीत का एक अंतरा कुछ बदलाब के साथ संभवतः मौजू है
धड़कने कुछ कहना चाहे कह नहीं पाये
ये प्रदुषण की मार, ये हम और तुम
हवा का गीत मध्यम है
समय की चाल भी कम है
नीला आसमाँ सो गया
नोएडा प्राधिकरण सो गया


