शहरी विकास प्राधिकरण की प्रगतिमान योजना “इंदिरापुरम विस्तार” के प्रथम फेज में चल रहे कार्यों का निरीक्षण आज उपाध्यक्ष नन्द किशोर कलाल ने किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नगर निगम को सौंपी गई ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिये आवंटित जमीन का भी अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की।
उपाध्यक्ष ने परियोजना स्थल पर मौजूद विभिन्न निर्माणाधीन सुविधाओं, जैसे कि नई सड़कों, जलापूर्ति नेटवर्क, तथा सार्वजनिक पार्कों की स्थिति को बारीकी से जाँचा। उन्होंने बताया कि इस चरण में 1,200 हेक्टर के विस्तार में लगभग 65 % कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि बाकी कार्य क्रमशः दो वर्ष में समाप्त करने की योजना है।
समानांतर, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिये आवंटित 25 एकड़ की जमीन पर स्थापित किए जाने वाले बायो‑डाइजेस्टर और रीसाइक्लिंग सुविधाओं की योजना की समीक्षा की गई। उपाध्यक्ष ने कहा, “शहर के बढ़ते कचरे को नियंत्रित करने के लिये प्रभावी प्रबंधन प्रणाली बनाना आवश्यक है। इस संदर्भ में आज की चर्चा से हमें सही दिशा में कदम बढ़ाने में मदद मिलेगी।”
पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता पर निर्देश
निरीक्षण समाप्त होते ही उपाध्यक्ष ने प्राधिकरण के सभी अधिकारियों को कार्य में पारदर्शिता, गुणवत्ता मानकों का पालन और समयबद्धता को सख्ती से बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि “शहरी सुविधाओं का विकास तभी सफल होगा जब हर चरण की प्रगति को जनता के साथ साझा किया जाए और विश्वसनीय गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।”

उपाध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी प्रकार की देरी या मानक उल्लंघन की स्थिति में त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नगर निगम को नियमित रिपोर्टिंग और जनता के प्रश्नों के उत्तर देने के लिये एक ऑनलाइन पोर्टल स्थापित करने की सलाह भी दी।
शहर प्रशासन ने कहा कि आगामी महीनों में प्रथम फेज के शेष कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने के लिये अतिरिक्त मानवीय और तकनीकी संसाधन प्रदान किए जाएंगे। साथ ही, उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय लोगों को नई सुविधाओं के उपयोग और रखरखाव के बारे में बताया जाएगा।


