जिले में तमाम कानूनी रोक और सख्त हिदायत दावो के बाद बावजूद भी हर्ष फायरिंग की घटनाएं रोक नहीं रही है बीते लगभग 11 दिन में हर्ष फायरिंग की दूसरी घटना में गोली लगने से छात्र की स्थिति गंभीर हुई है इससे पहले 12 माह का एक बच्चा ऐसे ही हर्ष फायरिंग के दौरान गोली का शिकार हुआ था।
सच तो यह है कि गौतम बुध नगर जिला लंबे समय तक दबंगई और आपराधिक मानसिकता से त्रस्त रहा है । ऐसे में यहां हथियारों के लाइसेंस बहुतायत में लिए गए किंतु 2017 के बाद जैसे-जैसे कानून व्यवस्था सुधर होती गई अब इन लाइसेंस के होने पर ही प्रश्न खड़े हो रहे हैं । पूर्व जिलाधिकारी मनीष वर्मा ने लंबे समय तक नए लाइसेंस प्रक्रिया को रोक रखा था ।
ऐसे में क्या आप समय आ गया है जब जिलाधिकारी को जिले में जारी सभी असलाह लाइसेंस को एक बार फिर से पुन निरीक्षण करने की आवश्यकता है, पुन निरीक्षण के पश्चात अगर संभव हो तो बीते 5 वर्ष में बनवाए गए सभी लाइसेंस को स्कूटनिंग या निरस्त कर इस प्रक्रिया को रोका जा सकता है साथ ही नए आवेदनों पर भी सख्ती से विचार के बाद ही निर्णय लिया जाए ।
नोएडा पुलिस कमिश्नरेट को भी हर्ष फायरिंग की घटनाओं पर सख्त कार्यवाही की आवश्यकता है ताकि लोगों में इसको लेकर डर पैदा हो नहीं तो जानलेवा बनती जा रही हर्ष फायरिंग में ऐसे ही लोगों के करने का समाचार चर्चा बनता रहेगा ।



