आशु भटनागर, नोएडा । बीते दो माह से निरंतर खराब प्रदूषण के कारण परेशान जनता की आह से बेखबर नोएडा प्राधिकरण की कुंभकर्णी निंद्रा आखिरकार मंगलवार को खुल ही गई । मंगलवार नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ लोकेश एम ने लगातार खराब होते वायु गुणवत्ता को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण के लिए एक व्यापक कार्ययोजना लागू करने का दावा किया है। प्राधिकरण द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार इस कार्ययोजना का केंद्र बिंदु इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड मोबिलिटी को बढ़ावा देना और ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करना है।
विज्ञप्ति के अनुसार नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने सुबह आइटी कंपनी, एनएमसी, निजी विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों से बैठक की और उन्हें निजी वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए ग्रैप-3 और ग्रैप 4 प्रतिबंध हटने तक वर्क-फ्राम होम लागू करने की सलाह दी। इसका उद्देश्य पीक आवर्स में आइटी पार्कों और शैक्षणिक संस्थानों की ओर जाने वाले वाहनों की संख्या घटाना है।
शैक्षणिक संस्थानों को हाइब्रिड या पूरी तरह आनलाइन कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि स्कूलों और विश्वविद्यालय परिसरों में बड़े आयोजनों को एक से दो महीने के लिए स्थगित कर दिया गया है। छात्रों से निजी दोपहिया वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील की गई है। इसके साथ ही, प्रदूषण स्तर सामान्य होने तक खुले तंदूर, खुले फूड पार्क और चिमनियों के संचालन पर भी रोक लगा दी गई है।
नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश ने कहा, “हमें वायु गुणवत्ता में सुधार करने के लिए हर संभव कदम उठाने होंगे। हमने इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना लागू की है। हमें उम्मीद है कि इससे नोएडा की वायु गुणवत्ता में सुधार होगा।”

नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डा लोकेश एम ने कहा, “हमारा उद्देश्य नोएडा की वायु गुणवत्ता में सुधार करना है। हमने अपने वाहन बेड़े को स्वच्छ विकल्पों में बदलने का फैसला किया है। हमें उम्मीद है कि इससे अन्य संस्थाओं के लिए मिसाल पेश होगी।”
एडीएम वित्त अतुल कुमार ने बताया कि सात दिनों के भीतर 70 प्रतिशत गैस और 30 प्रतिशत डीजल मिश्रण पर चलाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिक प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों की पहचान कर सघन जांच की जाएगी। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जिला प्रशासन के साथ मिलकर अनुपालन की निगरानी करेगा और उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
नोएडा प्राधिकरण की इस कार्ययोजना की नई घोषणा से नोएडा की वायु गुणवत्ता में सुधार होगा या ये फिर से लगातार प्रदूषण से त्रस्त आम जन को लॉलीपॉप देना जैसा साबित होगा यह आने वाले कुछ दिनों में पता चल जाएगा।


