जनपद दीवानी एवं फ़ौजदारी बार एसोसोसिएशन के अध्यक्ष, मनोज भाटी (बोडाकी) के खिलाफ नॉलेज पार्क, कोतवाली में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ। यह मामला वीरेंद्र सिंह गुड्डू ने 10 दिसंबर को पुलिस में तहरीर देकर दायर किया था।
गुड्डू, जो बीटा‑दो कोतवाली क्षेत्र के गामा‑एक में निवासी हैं, के अनुसार भाटी ने भारतीय वायुसेना में सेवा के दौरान अपने शैक्षणिक रिकॉर्ड को छुपाकर ‘जनहित कॉलेज ऑफ लॉ’, ग्रेटर नोएडा में 2004‑2007 के दौरान 76 % उपस्थिति दिखाते हुए विधि में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके अलावा, उन्होंने बार काउंसिल ऑफ इंडिया में प्रवेश के लिये फर्जी शपथ‑पत्र एवं घोषणा‑पत्र जमा कराए।
पुलिस ने गुड्डू के इन आरोपों के आधार पर मनोज भाटी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी दस्तावेज़), तथा 471 (जालसाजी) सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया। जांच के बाद चार्ज‑शीट अदालत में दाखिल कर दी गई।
बार एसोसोसिएशन के अध्यक्ष के अधिवक्ता शोभाराम चंडीला ने शनिवार को कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। सुनवाई के बाद न्यायालय ने प्रार्थना‑पत्र के निस्तारण तक भाटी को अंतरिम जमानत प्रदान की।
भाटी का बयान
बार एसोसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी ने कहा, “यह पूरी तरह से राजनीतिक साजिश है। हमारे विरोधी, विशेषकर वीरेंद्र गुड्डी, ने इस केस को हमारे पिछले चुनावी हार से जुड़ा कर दिखाने की कोशिश की है। इससे पहले भी IRGS द्वारा मेरे खिलाफ शिकायत की गई थी, जिसे एसीपी प्रथम ने न्यायालय के अधिकार क्षेत्र को लेकर खारिज कर दिया था। अब हम इस मामले में बरे‑बरे सच्चाई को कोर्ट के सामने रखेंगे। सभी आरोप निराधार हैं।”
भाटी ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने शैक्षणिक एवं पेशेवर रिकॉर्ड को कभी भी छुपाया नहीं है और सभी प्रमाणपत्र प्रामाणिक हैं।


