दिल्ली‑कुंडली, शाहदरा में जल‑संतुलन की नई पहल, 16 प्रमुख नालों पर छोटे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाए जाएंगे
शहर के प्रमुख नालों में जमा गंदे पानी को शुद्ध करने के लिए छोटे‑साइज़ के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित करने की योजना को आज प्राधिकरण बोर्ड ने औपचारिक रूप से मंज़ूर कर दिया। इस पहल में कुल 16 नालों को तीन‑चार चरणों में साफ़ किया जाएगा, जिससे न केवल जल‑प्रदूषण घटेगा बल्कि स्थानीय निवासियों को बेहतर पर्यावरणीय स्वास्थ्य भी मिलेगा।
प्राधिकरण बोर्ड के सीईओ डॉ. लोकेश एम ने कहा, “हमने इस परियोजना के लिए NEERI द्वारा तैयार विस्तृत DPR को सावधानीपूर्वक अध्ययन किया है। छोटे‑साइज़ के एसटीपी न केवल लागत‑पर्याप्त हैं, बल्कि मॉड्यूलर तकनीक के कारण रख‑रखाव में भी आसान रहेंगे। टेंडर जारी होने के बाद, हम उन एजेंसियों से प्रस्ताव माँगेंगे जो कम लागत में आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक होगी।”
बोर्ड ने आगे कहा कि कुंडली और शाहदरा नालों के गंदे पानी की सफ़ाई के संबंध में दिल्ली जल एवं स्वच्छता प्राधिकरण (DWSA) के साथ निकट सहयोग किया जाएगा, जिससे दोनों शहरों के बीच जल‑प्रदूषण नियंत्रण में सामंजस्य स्थापित हो सके।
स्वच्छ जल‑स्रोत: नालों से निकले गंदे पानी का उपचार होकर निकासी निकाय में मिलेंगे, जिससे जल‑स्रोतों के प्रदूषण में कमी आएगी।
सुरक्षित स्वास्थ्य: जल‑जनित रोगों की संभावना घटेगी, विशेषकर बच्चों और वृद्धों के लिए।
पर्यावरणीय लाभ: जल‑स्थलीय जीवों के लिये स्वस्थ माहौल बनेंगे, जिससे जैव विविधता बनी रहेगी।
भविष्य की योजना: इस मॉडल को सफल पाते हुए, अन्य नालों में भी समान तकनीक का विस्तार किया जा सकता है।
टेंडर प्रक्रिया

प्राधिकरण ने बताया कि निकट भविष्य में टेंडर दस्तावेज़ जारी किए जाएंगे। शहर के जल‑प्रदूषण को कम करने की दिशा में यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। छोट‑साइज़ के एसटीपी न केवल आर्थिक दृष्टि से सुलभ हैं, बल्कि तकनीकी रूप से भी उन्नत और पर्यावरण‑मित्र हैं। स्थानीय निवासियों को आशा है कि यह योजना जल्द ही उनके दैनिक जीवन में साफ़ जल की उपलब्धता और स्वास्थ्य के बेहतर मानकों को सुनिश्चित करेगी।


