देश में सबसे स्वच्छ सिटी का पुरस्कार पाने वाले शहर इंदौर में दूषित पानी से हुई मृत्यु के बाद दिल्ली एनसीआर में भी पानी की समस्याओं को लेकर आवाज़ उठने लगी हैं। दिल्ली नोएडा ग्रेटर नोएडा गाजियाबाद सभी जगह पानी को लेकर अधिकारी भी सतर्क हो गए हैं ऐसे ही एक प्रकरण में मंगलवार को ग्रेटर नोएडा के डेल्टा वन में सीवर लाइन के बीच से पानी की लाइन में क्षतिग्रस्त होने के वायरल वीडियो जब वायरल हुआ तो ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में हड़कंप मच गया।
बुधवार को वायरल वीडियो पर संज्ञान लेते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने तत्काल मौके पर जांच का जांच करने के निर्देश दिए। जल विभाग की टीम ने आरोप लगाने वाले सेक्टर वीडियो के घरों में जाकर पानी की जांच की, जल विभाग का दावा है कि इन घरों में पानी साफ पाया गया। सिर्फ एक घर की सप्लाई कनेक्शन में दिक्कत मिली है। एक अन्य जगहों पर पाइप से लीकेज भी प्राप्त हुई है जिसको ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के जल विभाग में एक्शन लेते हुए आज ही सही कर दिया।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सूत्रों का दावा है कि लीकेज की रिपेयर के बाद देर शाम फिर से जिला पूर्ति होने पर दोबारा पानी के सैंपल लिए गए हैं इस जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा जिससे ऐसी किसी घटना किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंकाएं समाप्त हो सके।
वहीं इंदौर की घटना पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने ग्रेटर नोएडा में सभी जगह पर पानी की रेंडम जांच करने के निर्देश दिए हैं। एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि जल विभाग को सभी जगहों से पानी की रैंडम जांच कराने को कहा गया है। जिन जगहों पर प्राधिकरण सप्लाई करता है। वहां पानी की जांच प्राधिकरण खुद कराएगा। इसी तरह बिल्डर्स सोसाइटियों व कोऑपरेटिव सोसाइटियों में प्रबंधन समिति (बिल्डर या एओए) को जलाशयों की नियमित सफाई कराने, पानी का सैंपल लेकर जांच कराने तथा रिपोर्ट प्राधिकरण के जल विभाग में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस बाबत जल विभाग की तरफ से पत्र जारी कर सूचना दी जा रही है। इसी तरह औद्योगिक, व्यावसायिक, आईटी, संस्थागत आदि एरिया में भी जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं, प्राधिकरण एरिया में दूषित जलापूर्ति होने पर तत्काल जल विभाग को सूचित करने की अपील की गई है। इसके लिए वरिष्ठ प्रबंधक जल (9205691408) और प्रबंधक जल (8937024017) के मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है।


