नोएडा के सेक्टर 150 में अधूरे पड़े अर्थम हाई स्ट्रीट शॉपिंग मॉल के लिए खोदे गए गढ्ढे के पानी में कोहरे के कारण डूब कर सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मृत्यु पर स्थानीय लोगों ने आक्रोशित होकर यूरेका पार्क सोसाइटी निवासियों ने रविवार को घटना के विरोध में कैंडल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। निवासियों ने जल्द से जल्द दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

पूरे प्रकरण पर मृतक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पिता की शिकायत पर नोएडा पुलिस ने दो बिल्डर कंपनी एमजे विशटाउन व लोटस ग्रीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
घटना के बाद जागे नोएडा प्राधिकरण ने भी मौके पर बैरिकेड भी लगवा दिए है। नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल ने मीडिया से बताया की सेक्टर 150 में हुई घटना पर नोएडा प्राधिकरण ने जांच शुरू कर दी है और जांच के बाद जल्द ही सख्त कार्यवाही की जाएगी ।
पूरे घटनाक्रम पर स्थानीय विधायक और सांसद दोनों ही चुप्पी तो कई सवाल खड़े कर रही है किंतु क्षेत्र के विपक्षी दलों का युवक की मृत्यु पर सामने ना आना कई प्रश्न खड़े कर रहा है।

मृतक युवराज के पिता राज कुमार मेहता के अनुसार करीब 12 बजे उनके बेटा का फोन आया और उसने सोसाइटी के बेसमेंट में गिरने की बात कही। करीब 30 मिनट वह घटना स्थल को ढूंढते रहे। जब वह पहुंचे तो युवराज कार की छत पर था और टार्च जलाकर अपने जिंदा होने का भी सबूत दिया। राहत और बचाव में देरी होने की वजह से उनका बेटा आंखों के सामने ही पानी में डूब गया। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवानों को बुलाया गया। कई घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद उन्होंने पुत्र को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी।
घटना की टाइम लाइन
रात 12 :05 बजे -अनियंत्रित कार बेसमेंट में गिरी
12ः25 बजे -युवक ने पिता को फोन से सूचना दी
12ः30 बजे – पिता ने डायल 112 पर सूचना दी
12ः41 बजे -कंट्रोल रूम से कोतवाली प्रभारी के पास फोन आया
12ः50 बजे -पुलिस फोर्स और दमकल कर्मी घटना स्थल पर पहुंचे
1ः15 बजे -एसडीआरएफ टीम घटना स्थल पर पहुंची
1ः45 बजे – बेसमेंट में भरे पानी में कार समेत युवक डूबा
2:55 बजे -गाजियाबाद से एनडीआरएफ टीम पहुंची
4:30 बजे -युवक को बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया
इंजीनियर की मृत्यु के मामले में मौके पर दमकल ओर एनडीआरएफ, पुलिस ओर वहां मौजूद लोगों की मानवीय संवेदनहीनता भी सामने आई है। आरोप है कि वहां मौजूद लोगों में किसी ने भी पानी में उतरने की हिम्मत नहीं जुटाई। ठंडे पानी में एसडीआरएफ कर्मी भी उतरने से कतराते रहे। सिर्फ नौकरी के नाम पर खानापूर्ति की गई। मौके से पहुंचे एक फ्लिपकार्ट कर में मुनेंद्र ने वहां पहुंचकर रास्ते के सहारे पानी में उतरने की कोशिश भी की तब तक देर हो चुकी थी । जिसके बाद करीब पौने दो बजे युवराज कार समेत पानी में डूब गए।
गाजियाबाद स्थित एनडीआरएफ टीम को घने कोहरे के कारण लगभग 3 बजे वहां पहुंची । मौके पर पहुंचते ही टीम के कर्मियों ने जेसीबी से वोट उतरने का स्थान बनवाया। 15 मिनट बाद कर्मी वोट से उतरे और 40 मिनट में युवराज को तलाश कर लगभग चार बजे बाहर निकाल कर अस्पताल भेजवा दिया।


