Mann Ki Baat : ‘मतदाता बनना जीवन का अहम पड़ाव, इसका जश्न मनाएं’, मन की बात में बोले पीएम मोदी

NCRKhabar AI Desk
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मेरे प्यारे देशवासियों, नमस्कार साल 2026 का यह पहला मन की बात है। कल हम सभी गणतंत्र दिवस का पर्व मनाएंगे। 26 जनवरी का यह दिन हमें संविधान निर्माताओं को नमन करने का अवसर देता है। आज 25 जनवरी का दिन भी अहम है। आज राष्ट्रीय मतदाता दिवस है। मतदाता ही लोकतंत्र की आत्मा होता है। मतदाता बनने को जीवन का एक सामान्य पड़ाव माना जाता है, लेकिन ये अवसर किसी भी नागरिक के जीवन का बड़ा अहम समय होता है। तो हम देश में मतदाता बनने का उत्सव मनाएं। जैसे हम जन्मदिन पर शुभकामनाएं देते हैं, वैसे ही जब कोई युवा मतदाता बने तो पूरा मोहल्ला, गांव या शहर एकजुट होकर उसका अभिनंदन करे। इससे मतदान के प्रति जागरुकता बढ़ेगी। साथ ही ये भावना भी सशक्त होगी की वोटर होना कितना मायने रखता है।

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इन दिनों मैं सोशल मीडिया पर एक मजेदार ट्रेंड देख रहा हूं। लोग 2016 की अपनी यादों को ताजा कर रहे हैं। मैं भी आज आपसे अपनी एक याद को साझा करना चाहता हूं। आज से 10 साल पहले हमने एक शुरुआत की। मैं जिस जर्नी की बात कर रहा हूं, वह स्टार्ट अप इंडिया की जर्नी है। इसके हीरो हमारे युवा साथी हैं, जिन्होंने अपने कंफर्ट जोन से निकलकर जो इनोवेशन किए, वे इतिहास में दर्ज हो रहे हैं। आज भारत में दुनिया की तीसरा बड़ा स्टार्टअप इको सिस्टम बन रहा है। एआई, स्पेस, परमाणु ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाईड्रोजन जो भी नाम लें, उन सभी अहम  सेक्टर्स में भारतीय स्टार्टअप काम कर रहे हैं। मैं उन युवा साथियों को सैल्यूट करता हूं, जो स्टार्टअप से जुड़े हैं या शुरू करना चाहते हैं। 

मैं युवाओं से एक आग्रह करना चाहता हूं कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। ऐसे में हम सभी पर एक बड़ी जिम्मेदारी है, वह है गुणवत्ता पर जोर देने की। चलता है वाला युग चला गया। इस वर्ष हम पूरी ताकत से गुणवत्ता को अहमियत दें और हम सिर्फ गुणवत्ता पर ध्यान दें। हम जो भी बना रहे हैं, उसकी गुणवत्ता को बेहतर बनाने का संकल्प लें । भारतीय उत्पादों की पहचान ही गुणवत्ता होनी चाहिए।

हमारे देश के लोग बहुत इनोवेटिव हैं। समस्याओं का समाधान ढूंढना देशवासियों के खून में है। कुछ लोग स्टार्टअप के जरिए करते हैं तो कुछ समाज की सामूहिक भागीदारी से। ऐसा ही एक प्रयास यूपी के आजमगढ़ में दिखाई दिया, जहां स्थानीय लोगों ने तमसा नदी को नया जीवन दिया है। अयोध्या से निकल गंगा में समाहित होने वाली ये नदी कभी इस क्षेत्र के लोगों के जीवन की धुरी होती थी, लेकिन प्रदूषण से इन नदी के प्रवाह को रोक दिया। इसके बाद लोगों ने नदी की सफाई की, किनारों पर छायादार पेड़ लगाए और सभी के प्रयास से नदी का पुनर्उद्धार हो गया।

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ऐसा ही आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में पानी की कमी दूर करने के लिए स्थानीय लोगों ने जलाश्यों को साफ करने का लक्ष्य रखा और फिर प्रशासन के सहयोग से अनंत नीरूं संरक्षण प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई। इस प्रयास के तहत 10 से अधिक जलाश्यों को जीवनदान मिला है। साथ ही 7000 से अधिक पेड़ भी लगाए गए हैं। अनंतपुर में जल संरक्षण के साथ ही ग्रीन कवर भी बढ़ा है। जन-भागीदारी और सामूहिकता ही देश की ताकत हैं।

हमने मंदिरों में भजन सुने हैं और हर दौर में भक्ति को अपने समय के हिसाब से जिया है। आज के युवाओं ने भक्ति को अपने अनुभव और जीवनशैली में ढाल लिया है। जिससे नया सांस्कृतिक चलन सामने आया है, जिसमें युवा इकट्ठा हो रहे हैं, वहां संगीत होता है, रोशनी होती है और ऐसा कंसर्ट में भक्तिभाव से भजन गाए जाते हैं। इसे भजन क्लबिंग कहा जा रहा है, जो जेन जी के बीच लोकप्रिय हो रहा है। अच्छी बात ये है कि इन भजन क्लबिंग में भक्ति भाव को हल्केपन में नहीं लिया जाता और न ही शब्दों की मर्यादा टूटती है। 

मेरे प्यारे देशवासियो, आज हमारी संस्कृति और त्योहार दुनिया भर में अपनी पहचान बना रहे हैं | दुनिया के हर कोने में भारत के त्योहार बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाए जाते हैं | हर तरह की सांस्कृतिक तरंगता को बनाए रखने में हमारे भारतवंशी भाई-बहनों का अहम योगदान है | वो जहां भी है वहाँ अपनी संस्कृति की मूल भावना को संरक्षित कर और उसे आगे बढ़ा रहे हैं। आपको यह जानकर सुखद आश्चर्य होगा कि मलयेशिया में 500 से ज्यादा तमिल स्कूल हैं | इनमें तमिल भाषा की पढ़ाई के साथ ही अन्य विषयों को भी तमिल में पढ़ाया जाता है | इसके अलावा यहां तेलुगु और पंजाबी सहित अन्य भारतीय भाषाओं पर भी बहुत फोकस रहता है। भारत और मलयेशिया के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने में एक सोसाइटी की बड़ी भूमिका है। इसका नाम है ‘मलयेशिया इंडिया हेरिटेज सोसाइटी’ | अलग-अलग कार्यक्रमों के साथ ही, यह संस्था एक हेरिटेज वॉक का भी आयोजन करती है | इसमें दोनों देशों को आपस में जोड़ने वाले सांस्कृतिक स्थलों को कवर किया जाता है। पिछले महीने मलेशिया में ‘लाल पाड़ साड़ी’ आइकॉनिक वॉक का आयोजन किया गया | इस साड़ी का बंगाल की हमारी संस्कृति से विशेष नाता रहा है | इस कार्यक्रम में सबसे अधिक संख्या में इस साड़ी को पहनने का रिकॉर्ड बना, जिसे मलयेशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया | इस मौके पर ओडिसी नृत्य और बाउल संगीत ने तो लोगों का दिल जीत लिया।

परिवार व्यवस्था हमारी परंपरा का अभिन्न अंग और कई देशों में भी इसे कौतूहल के साथ देखा जाता है। कई देशों में इसके प्रति बेहद सम्मान का भाव है। कुछ दिन पहले संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद भारत आए थे, तब उन्होंने बताया कि यूएई में 2026 को ईयर ऑफ फैमिली के तौर पर मनाया जा रहा है। परिवार से मिली ताकत से हम बड़ी से बड़ी चुनौतियों को भी परास्त कर सकते हैं। अनंतनाग के शेखगुंड गांव में रहने वाले मीर जाफर ने गांव के युवाओं और बुजुर्गों को एकजुट किया और गांव से ड्रग्स, तंबाकू की समस्या को खत्म कर दिया और लोगों को इनके खतरों के प्रति जागरूक किया। 

मेरे प्यारे देशवासियो, मैं आप सभी की एक और बात के लिए बहुत सराहना करना चाहता हूँ -वजह है मिलेट्स यानि श्रीअन्न । मुझे ये देखकर खुशी है कि श्रीअन्न के प्रति देश के लोगों का लगाव निरंतर बढ़ रहा है। वैसे तो हमने 2023 को मिलेट ईयर घोषित किया था। लेकिन आज तीन साल बाद भी इसको लेकर देश और दुनिया में जो जुनून और समर्पण है, वो बहुत उत्साहित करने वाला है। साथियो, तमिलनाडु के कल्ल-कुरिची जिले में महिला किसानों का एक समूह प्रेरणा स्त्रोत बन गया है। यहां के ‘पेरीयपालायम श्रीअन्न’ FPC से लगभग 800 महिला किसान जुड़ी हैं। इन महिलाओं ने मिलेट्स प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की। अब वो मिलेट्स से बने उत्पादों को सीधे बाजार तक पहुंचा रही है। राजस्थान के रामसर में भी किसान श्रीअन्न को लेकर ऐसा इनोवेशन कर रहे हैं। यहां के रामसर जैविक किसान उत्पादन कंपनी से 900 से ज्यादा किसान जुड़े हैं। ये किसान बाजरे की खेती करते हैं और यहां बाजरे को प्रोसेस कर बाजरे के लड्डू बनाए जाते हैं। इसकी बाजार में बड़ी मांग है। मुझे ये जानकर  बहुत खुशी हुई कि कई मंदिरों के प्रसाद में श्रीअन्न का इस्तेमाल होता है। 

श्रीअन्न से किसानों की कमाई बढ़ने के साथ ही लोगों के स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ है। मिलेट्स पोषण से भरपूर हैं और सर्दियों के मौसम में इन्हें खाना और भी अच्छा होता है। 
अगले महीने इंडिया एआई इंपैक्ट समिट होने जा रही है। इस समिट में दुनियाभर से, विशेषकर तकनीक के क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ भारत आएंगे। यह सम्मेलन AI की दुनिया में भारत की प्रगति और उपलब्धियों को भी सामने लाएगा । मैं इसमें शामिल होने वाले हर किसी का हृदय से अभिनंदन करता हूं।




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