नोएडा के सेक्टर 150 में युवराज मेहता के बिल्डर साइट के बेसमेंट में भर पानी में गिरकर मृत्यु के मामले में कोर्ट ने बिल्डर अभय कुमार को 6 दिन की न्यायिक रियासत में भेज दिया है । अब 27 जनवरी को उनकी अगली पेशी होगी। एक दिन की रिमांड खत्म होने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था,जहां कोर्ट ने लापरवाही को लेकर जमकर फटकार लगाई,कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि जांच में यह साफ होना चाहिए कि लापरवाही किसकी है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
इससे पहले नोएडा पुलिस ने इस पूरे प्रकरण में दो बिल्डर पर एफआईआर की थी । जिसमें एमजे विज टाउन के डायरेक्टर अभय कुमार को गिरफ्तार किया गया था ।
आपको बता दे शनिवार रात 12:00 बजे नोएडा के सेक्टर 150 की सोसाइटी में रहने वाले युवराज मेहता गुड़गांव से नौकरी करके वापस आ रहे थे तब घने कोहरे के का कारण उनकी कर बेसमेंट में भर पानी में गिर गई थी।
युवराज मेहता ने अपने पिता को कॉल करके बताया उनके पिता ने 112 पर कॉल करके पुलिस को बुलाया बाद में और एसडीआरएफ एनडीआरएफ को भी बुलाया गया किंतु पुलिस प्रशासन की नाकामी के चलते डेढ़ घंटे तक जिंदगी से संघर्ष के बाद युवराज मेहता की कर पानी में डूब गई और उनकी मृत्यु हो गई।

पूरे घटनाक्रम में अब तक नोएडा अथॉरिटी के सीईओ लोकेश एम ओर एक जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार को भी हटाया जा चुका है । इसके बाद पुलिस ने कार्यवाही करते हुए दो बिल्डर युवराज मेहता के पिता की शिकायत पर दो बिल्डर पर एफआईआर की थी जिनमें एक बिल्डर के डायरेक्टर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया था। इस पूरे प्रकरण में एक पक्ष ये भी है कि अथॉरिटी ने स्पोर्ट्स सिटी घोटाले में बिल्डर का प्लॉट कैंसिल कर दिया था जिसके बाद बिल्डर ने साइट पर बैरिकेडिंग लगाने की कोशिश भी की थी तब प्राधिकरण ने उसको रोकते हुए ₹6 लख रुपए की पेनल्टी लगा दी थी ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर संज्ञान लेते हुए तीन सदस्य है एसआईटी गठित की थी जिसको 5 दिन में रिपोर्ट देनी थी मंगलवार को सीट पहली बार नोएडा प्राधिकरण ए जहां सबसे मुलाकात के बाद उसने घटनास्थल का दौरा भी किया । डीजी भानू भास्कर के नेतृत्व में एसआईटी टीम दोपहर 3:30 बजे घटना स्थल पर पहुंची। टीम में मंडलायुक्त मेरठ भानू चंद्र गोस्वामी और पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर अजय वर्मा के साथ पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह और डीएम मेधा रूपम के अलावा अन्य अफसर मौजूद थे। टीम करीब 30 मिनट तक मौके पर रुकी और संबंधित अफसरों से जानकारी ली। एडीजी भानु भास्कर ने सीएफओ से घटना और बचाव कार्य के बारे में पूछा। साथ ही कहा कि जिस जगह पर घटना हुई है, उससे ज्यादा खतरनाक दूसरा रास्ता भी है। वहां लोहे के पिलर लगाने के निर्देश दिए हैं। एनडीआरएफ टीम से कार को बाहर निकालने की जानकारी ली। पुलिस कमिश्नर ने भी घटना के बारे में जानकारी दी। साथ ही, घटना स्थल के आसपास सड़क पर स्ट्रीट लाइट नहीं लगी हैं। इस पर भी सवाल उठाए।


