शनिवार को वर्ष 2026 में नोएडा प्राधिकरण की पहली बोर्ड बैठक हुई। इसमें तमाम मुद्दों को लेकर चर्चाएं हुई किंतु शहर के लोगों को साफ पानी पर नोएडा प्राधिकरण क्या विशेष प्रयास करने जा रहा है पर कोई चर्चा नहीं हुई । सिर्फ नालों के गंदे पानी को साफ करने के लिए नालों पर छोटे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की योजना पर काम शुरू किया गया है ।
देश के सबसे स्वच्छ कहे जाने वाले शहर इंदौर में जिस तरीके से पानी की पुरानी लाइनों के साथ सीवर लाइनों के मिल जाने के कारण एक बड़ी दुर्घटना सामने आई है, जिसमे 20 से जयादा लोग आइसीयुए में हैं । उसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने भी अपने नगर निगमो और प्राधिकरण से इस पर ध्यान देने को कहा है।
नोएडा में सेक्टर 19 से लेकर सेक्टर 11, 12, 55, 56,21,22,25 समेत कई पुराने सेक्टर में पानी की लाइने 40 वर्ष पुरानी हो चुकी हैं । कई बार निवासी यहां पर गंदे पानी के वीडियो बना बनाकर सोशल मीडिया पर डालते रहते हैं। ऐसे में माना जा रहा था कि वर्ष की पहले सप्ताह में ही हो रही इस बोर्ड बैठक में 50 वर्ष के हो चुके नोएडा शहर में पुरानी लाइनों को बदलने या उनकी टेस्टिंग को लेकर कोई बड़ी परियोजना पर भी चर्चा होगी किंतु ऐसा लगता है कि नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ लोकेश एम अभी भी किसी बड़ी घटना या दुर्घटना का इंतजार ही कर रहे हैं।
दरअसल नोएडा हो या इंदौर हमारे राजनेताओं से लेकर अधिकारियों तक किसी के मन में भी जनकल्याण को लेकर प्रोएक्टिव अप्रोच अभी तक विकसित नहीं हो सकी है और इसीलिए हम अक्सर दुर्घटनाओं के होने का इंतजार करते हैं। और फिलहाल नोएडा प्राधिकरण भी इसे अछूता नहीं लग रहा है। ऐसे में नोएडा वासियों को स्थानीय नेताओं, सरकार और प्राधिकरणों की अनदेखी के बाद सिर्फ भगवान का ही आसरा है।


