गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने हरनंदीपुरम आवासीय योजना को धरातल पर उतारने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। यह योजना न केवल शहर के विकास का नया आधार बनेगी, बल्कि क्षेत्र के किसानों के लिए भी आर्थिक सुरक्षा और समृद्धि का द्वार खोलेगी। गाजियाबाद-मेरठ रोड के पास बसने वाली यह अत्याधुनिक आवासीय परियोजना दो चरणों में पूरी होगी, जिसके पहले चरण के लिए अब तक 125 हेक्टेयर जमीन के लिए किसानों की ओर से सहमति मिल चुकी है।
किसानों का विश्वास, विकास की नींव
जीडीए के सहायक अभियंता रुद्रेश शुक्ला ने बताया कि इस 125 हेक्टेयर में से पहले ही 65 हेक्टेयर भूमि की रजिस्ट्री प्राधिकरण के नाम पर कर ली गई है। “मार्च 2025 तक हरनंदीपुरम योजना को धरातल पर उतार दिया जाएगा। यह केवल एक आवासीय परियोजना नहीं, बल्कि एक टिकाऊ, स्मार्ट और नागरिक-केंद्रित शहर का स्वप्न है, जो किसानों के विश्वास और सहयोग से साकार हो रहा है,” उन्होंने कहा।
यह पहल विशेष रूप से प्रशंसनीय है क्योंकि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शी और न्यायपूर्ण तरीके से चल रही है। किसानों को सर्किल रेट से चार गुना तक मुआवजा दिया जा रहा है, जिससे उन्हें न केवल नुकसान की भरपाई हो रही है, बल्कि भविष्य के लिए एक मजबूत आर्थिक आधार भी मिल रहा है। अब तक इस प्रक्रिया में 300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है।
जीडीए के सहायक अभियंता रुद्रेश शुक्ला ने बताया कि सर्किल रेट से चार गुना तक दाम पर जमीन खरीदी जा रही है। पहले चरण के लिए जमीन खरीद पर अब तक 300 करोड़ से ज्यादा खर्च किए जा चुके हैं।

आठ गांवों की जमीन, एक नए शहर की नींव
गत वर्ष जीडीए ने राजनगर एक्सटेंशन के आसपास स्थित आठ गांवों की 521 हेक्टेयर भूमि की पहचान इस योजना के लिए की थी। सैटेलाइट और ड्रोन सर्वे के बाद भूमि की सीमाओं का सत्यापन किया गया और अंततः पहले चरण में पांच गांवों की 336 हेक्टेयर जमीन को शामिल करने का निर्णय लिया गया।
इनमें शामिल हैं:
मथुरापुर: 14.60 हेक्टेयर
शमशेर: 86.54 हेक्टेयर
चंपतनगर: 33.98 हेक्टेयर
भनेड़ा खुर्द: 9.06 हेक्टेयर
नगला फिरोज मोहनपुर: 192.65 हेक्टेयर
किसान अब सक्रिय रूप से जीडीए अधिकारियों के साथ खसरा-खतौनी के सत्यापन की प्रक्रिया में जुड़े हुए हैं, जिससे पारदर्शिता और विश्वास बना रहे।
एक स्मार्ट शहर की कल्पना – जहां रहना होगा सुखद
हरनंदीपुरम केवल आवासों का संग्रह नहीं होगा। यह एक पूर्ण शहरी संरचना होगी जहां सुविधाओं की कमी नहीं होगी। प्रस्तावित सुविधाओं में शामिल हैं:
स्पोर्ट्स सिटी: राष्ट्रीय स्तर के खेल सुविधाओं के साथ युवाओं के लिए ऊर्जा और उत्साह का केंद्र।
मेडिसिटी: उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं, आयुर्वेदिक और आधुनिक चिकित्सा केंद्र।
साइबर सिटी: स्टार्टअप्स, आईटी प्रोफेशनल्स और डिजिटल उद्यमियों के लिए एक आदर्श पर्यावरण।
एजुसिटी (शैक्षणिक नगर): प्री-स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा।
पर्यावरण का संतुलन: 15% से अधिक हरित क्षेत्र, बड़े उद्यान और ऑक्सीजन जंगल।
ई-परिवहन: पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहनों पर आधारित परिवहन प्रणाली, प्रदूषण मुक्त जीवन का वादा।


