इंदौर में हाल की एक घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद टूट गई है। पेयजल की गुणवत्ता को लेकर लोगों के बीच बढ़ती चिंता के मद्देनजर जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता के नेतृत्व में सात जनवरी को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष महाअभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 200 पानी के नमूने एकत्र किए जाएंगे, जिनकी जांच के बाद गुणवत्ता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि हाल की घटनाओं ने पेयजल आपूर्ति प्रणाली में सुधार की आवश्यकता उजागर कर दी है। नमूनों की जांच के बाद यदि कोई स्रोत गैर-मानक या दूषित पाया जाता है, तो संबंधित विभाग या अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शहर के नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने नगर आयुक्त, जीडीए सचिव, यूपीएसआईडीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक, सभी नगर पंचायतों और नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें स्पष्ट कहा गया है कि ठोस व्यवस्थाएं की जाएं ताकि नागरिकों को दूषित पानी की आपूर्ति न हो।


