सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में एक नया मोड़ आया है। बुधवार दोपहर को नॉलेज पार्क कोतवाली में लॉटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और विश टाउन के भागीदारों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण और जल प्रदूषण निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले में बिल्डर अभय कुमार, मनोज कुमार, संजय कुमार, अचल वोहरा और निर्मल के नाम हैं। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
नाली जैसा खड्डा, कचरों से भरा पानी
उप निरीक्षक रीगल कुमार की तहरीर के अनुसार, 20 जनवरी को गश्त के दौरान पुलिस ने खोजबीन में पाया कि सार्वजनिक सड़क के निकट एक लंबा-चौड़ा गहरा खड्डा मौजूद है। गड्ढे में कई वर्षों से पानी भरा हुआ है, जो कीचड़ में बदल गया। बरसात के दौरान आसपास से ले आए गए कूड़ा-कचरा इस पानी में जमा होने से बदबू व जहरीली गैसें वातावरण में फैल रही हैं। इस क्षेत्र में कोई बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड नहीं हैं, जो गंभीर दुर्घटना की आशंका बरकरार रखते हैं।
इलाज समीकरणों में तेज हफ्ता, स्थानीय लोगों की चिंता
स्थानीय निवासियों ने पुलिस को बताया कि कूड़े की दुर्गंध से सांस लेना भी कठिन हो गया है। हवाओं के विपरीत दिशा में चलने से यह समस्या और बदतर हो जाती है, खासकर बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोगों पर इसका खराब असर पड़ रहा है। लोगों के अनुसार, डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों के संभावित खतरे भी बने हुए हैं।
कानून के उल्लंघन के आरोप
पुलिस तहरीर में मजबूत आरोप हैं कि गड्ढे के चारों ओर न तो निर्माण नियमों का पालन किया गया और न ही नागरिक सुरक्षा के संज्ञान में लाया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेज़ी से चल रही है और पता लगाया जा रहा है कि गड्ढे को भरने देखते हुए जिम्मेदारियों के उल्लंघन की मशीनरी क्यों नहीं चलाई गई।



