शहर में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और पुलिस की लापरवाही पर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। एक हाई-राइज सोसायटी में बुजुर्ग महिला के साथ लिफ्ट के अंदर स्नैचिंग की कोशिश के मामले में जांच में धीमी प्रगति और लापरवाही बरतने पर बिसरख थाने के थाना प्रभारी (SHO) और एसीपी (ACP) को उनके पदों से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।
यह कार्रवाई देर रात हुई एक क्राइम मीटिंग के बाद की गई, जिसमें पुलिस कमिश्नर ने साफ संकेत दिया कि अपराध और लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बुलाई गई इस बैठक में जांच की रफ्तार और थाने की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट जताते हुए कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बिसरख के SHO मनोज सिंह और ACP दीक्षा सिंह को उनके पद से हटाने के आदेश जारी किए।
दरअसल, यह मामला 8 जनवरी को बिसरख थाना क्षेत्र की ला रेजिडेंशिया सोसायटी का है। एक बुजुर्ग महिला लिफ्ट से नीचे जा रही थीं, तभी हेलमेट पहने एक युवक अंदर घुसा और उनकी सोने की चेन छीनने की कोशिश की। महिला ने साहस दिखाते हुए शोर मचाया, जिससे आरोपी भाग निकला। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई थी, जिसके बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की और 10 जनवरी को सेक्टर-03 में चेकिंग के दौरान उसे पकड़ लिया। आरोपी ने पकड़े जाने पर पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी। घायल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि आरोपी पकड़ा गया, लेकिन कमिश्नर ने घटना को अंजाम देने और पुलिसिया निगरानी में चूक पर स्थानीय पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए यह बड़ी कार्रवाई की है।



