ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों के लिए बिजली और पानी आपूर्ति में सुधार की एक बड़ी खबर सामने आई है। इटैहरा स्थित 33 केवी बिजलीघर में 10 मेगावाट (एमवीए) क्षमता के एक अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की स्थापना की गई है। इसे 220 केवी सबस्टेशन जलपुरा से जोड़ा जा रहा है, जिससे क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति और मजबूत होगी। प्राधिकरण के एएम, एसीईओ सुनील कुमार सिंह और प्रेरणा सिंह ने रविवार को बिजलीघर का निरीक्षण किया और दो सप्ताह में इसे ऊर्जीकृत करने के निर्देश दिए। लाइन डालने का काम लगभग पूरा हो चुका है, जिसमें लगभग 8 करोड़ रुपए की लागत आई है।
बिजलीघर के लोकार्पण से लाभ
एमवीए क्षमता में वृद्धि से उद्योगों और आवासीय क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति सुविधाजनक होगी। अब क्षेत्र में अविरल बिजली के साथ शीर्ष भार वितरण के मुद्दे कम होंगे। इलेक्ट्रीकल विंग के प्रमुख अश्विनी चतुर्वेदी, प्रबंधक अनोज कुमार आनंद और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
20 एमएलडी एसटीपी का जायजा
सैक्टर ईकोटेक-3 में स्थित 20 मिलियन लीटर प्रति दिन (एमएलडी) क्षमता की सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के रखरखाव और संचालन का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने शोधित जल के पैरामीटर्स जैसे बीओडी, सीओडी, टीएसएस, टीएन और पीएच के स्तर की जांच की, जो कि मानकों के अनुरूप पाए गए। क्लोरिनेशन लेवल 5.0 पीपीएम पाया गया, जो स्वच्छता मानकों के साथ मेल खाता है। प्रबंधक संध्या सिंह और अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।
शोधित जल के अधिकतम उपयोग की रणनीति
वरिष्ठ अधिकारियों ने शोधित जल के प्रभावी उपयोग के लिए योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। ईकोटेक-3 के उद्योग, हबीबपुर, सुत्याना, जलपुरा, हल्दौनी और कुलेसरा गांव इस एसटीपी से जुड़े हुए हैं। यह गहरेतर विकास के साथ-साथ पानी के संसाधन के प्रबंधन को भी सुदृढ़ बनाएगा।

प्राधिकरण द्वारा इन पहलों से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के विकास के मानकों में निरंतरता बरकरार रहेगी। बिजली आपूर्ति में सुधार और पानी के शुद्धिकरण लगातार जीवन की गुणवत्ता में वृद्धि करेगा।


