बेलाग लपेट : आरोपों में बार एसोशियेशन अध्यक्ष , 2025 के खराब दिन 2026 में भी बदलते नहीं दिख रहे है, आगे क्या होने वाला है!

आशु भटनागर
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आशु भटनागर । वर्ष 2025 का आरंभ हुआ था तो लोगों को लगा कि नया वर्ष नए धमाके होंगे। किंतु 2025 को मंगल का वर्ष कहा गया और बताया गया कि मंगल विध्वंस करता है लोगों को उनके बीते 9 साल के किए गए कार्य का परिणाम देता है ।  वर्ष की शुरुआत अरविंद केजरीवाल के पतन के साथ शुरू हुई। नोएडा में भी नोएडा मीडिया क्लब के अध्यक्ष पर न सिर्फ आरोप लगे बल्कि उसके बाद उनको गैंगस्टर के आरोपों में जेल भेज दिया गया, 2 केस में जमानत के बाद वो अभी तक जेल में है और बाहर आने के प्रयास कर रहे हैं। पूरे वर्ष बड़े-बड़े नेताओं राष्ट्रों और मठाधीशों की सत्ताएं हिलती रही यहां तक के भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध तक हो गया । हालत ये हुए कि लोग यह सोच कर राम राम करके 2025 के जाने की प्रार्थना करने लगे की 2026 में अच्छा होगा ।

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बड़ी अपेक्षाओं से 2026 का वर्ष आया इसे सूर्य का वर्ष कहा गया कि सूर्य का प्रकाश फैलेगा तो अंधेरा हटेगा। किंतु इस वर्ष का आरंभ 2025 से भी ज्यादा खतरनाक तरीके से हुआ है । वर्ष के आरंभ में ही जहां एक और अमेरिका ने अपना पुराना व्यापार और दोस्ती वाला रवैया छोड़कर तानाशाह का रूप दिखाते हुए वेनेजुएला के राष्ट्रपति को रातों-रात उठा लिया और उसके साथ ही कोलंबिया, मैक्सिको, क्यूबा, ईरान को चेतावनी तक दे दी।

वहीं नोएडा में इस नए वर्ष का स्वागत कर रहे लोगों को तब झटका लगा जब वर्ष के तीसरे ही दिन जिले में जिला बार एसोसिएशन के नव निर्वाचित अध्यक्ष पर IGRS में हुई शिकायत पर पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने की सूचना आई। बार एसोसिएशन एक्टिव हुई और अध्यक्ष के लिए आनन फानन में जमानत का इंतजाम किया गया । जानकारी के अनुसार जिला बार एसोसिएशन के सचिव ने जिला अध्यक्ष की अग्रिम जमानत कराई।

मामला चर्चाओं में आया तो बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी ने पुलिस पर किसी भाजपा नेता के दबाव में उनको फसाने के आरोप तक लगा दिए और सीधा सीधा पुलिस को ही पार्टी बना दिया । इसके बाद मुख्यमंत्री से IGRS में शिकायत करने वाले वीरेंद्र सिंह गुड्डू ने भी मनोज भाटी पर आरोपो की झड़ी लगा दी । नव वर्ष में हुए इस धमाके से पुलिस और बार के बीच जहां एक और फिर से तनाव दिखाई देने लगा है वही बार एसोसिएशन की प्रतिष्ठा पर भी प्रश्न चिन्ह उठने लगे हैं।

लोगों में चर्चाएं होने लगी कि क्या पिछले वर्ष मीडिया क्लब की घटना के बाद इस बार सत्ता ओर पुलिस के निशाने पर बार एसोसिएशन थी और क्या इस बार एसोसिएशन पर भी उतनी ही आसानी से काबू पा लिया जाएगा? एक युवा वकील की माने तो पुलिस के लिए पत्रकारों की तरह वकीलों पर काबू पाना मुश्किल ही नहीं असंभव है। युवा वकील ने कटाक्ष करते हुए कहा कि वकील पत्रकारों की तरह पुलिस और नेताओं की गुड बुक या पार्टियों में आने के लिए अपने साथियों से दगा नहीं करते ।

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी फिलहाल प्रेस कांफ्रेंस करके अपने ऊपर लगे आरोपों पर लगातार सफाई दे रहे हैं और बता रहे हैं कि उन पर लगाए आरोप गलत हैं किंतु क्या यह सब इतना आसान होने वाला है ? क्या बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वाकई यह महसूस कर रहे हैं कि उन पर लगाए गए आरोप कमजोर हैं या फिर वह इन आरोपों और एफ आई आर के चलते पहली बार अपने चरित्र के विपरीत असहाय महसूस कर रहे हैं । क्योंकि 2 दिन में लगातार इंटरव्यू और उसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करना उनकी कमजोर स्थिति को दर्शाता है।

मामला कानूनी दाव पेच में किस तरफ जाएगा इसका फैसला तो भविष्य करेगा आप किंतु बार एसोसिएशन की प्रतिष्ठा और नैतिकता की बातें अगर जनसाधारण में आगे बड़ी तो बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को त्यागपत्र भी देना पड़ सकता है । पूरे प्रकरण पर उत्तर प्रदेश बार एसोसिएशन की फिलहाल चुप्पी भी कई संकेत दे रही है बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश बार एसोसिएशन अभी “तेल देखो और तेल की धार देखो” पर विचार कर रही है। मामला जिस और भारी होगा वह अपने बयान और कार्यवाही कर देगी।

वहीं पुलिस के लिए भी यह मामला “शिकार करने को आए शिकार हो के चले” की तर्ज पर आगे बढ़ रहा है जिस तरीके से पूरे प्रकरण में अध्यक्ष ने अग्रिम जमानत लेकर मामले को कमजोर कर दिया गया है उससे पुलिस की कमजोर प्लानिंग की भी पोल खुल गई है। यद्यपि इसे पुलिस की हार या कमजोरी कहना जल्दबाजी होगी फिर भी एक ही पैटर्न पर कार्यवाही करने के चलते मिली असफलता फिलहाल पुलिस के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है और बीते 3 वर्षों में कमाई प्रतिष्ठा पर आंच भी आ सकती है।

ऐसे में वर्ष के आरंभ में ही जिस तरीके से शहर में विवादों और चर्चाओं का एक नया खेल आरंभ हुआ है जिस तरीके से एक बार फिर से एक प्रतिष्ठत संस्थान की गरिमा दांव पर लग गई है उसे यह प्रश्न उठ रहा है कि क्या 2026 में अभी 2025 की ही दंड नीति का असर दिखेगा या फिर 2026 में हुई एक घटना एक बड़े प्रतिकार के रूप में सामने आएंगे इसके परिणाम 2025 के उलट हो सकते हैं ।

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आशु भटनागर बीते 15 वर्षो से राजनतिक विश्लेषक के तोर पर सक्रिय हैं साथ ही दिल्ली एनसीआर की स्थानीय राजनीति को कवर करते रहे है I वर्तमान मे एनसीआर खबर के संपादक है I उनको आप एनसीआर खबर के prime time पर भी चर्चा मे सुन सकते है I Twitter : https://twitter.com/ashubhatnaagar हम आपके भरोसे ही स्वतंत्र ओर निर्भीक ओर दबाबमुक्त पत्रकारिता करते है I इसको जारी रखने के लिए हमे आपका सहयोग ज़रूरी है I एनसीआर खबर पर समाचार और विज्ञापन के लिए हमे संपर्क करे । हमारे लेख/समाचार ऐसे ही सीधे आपके व्हाट्सएप पर प्राप्त करने के लिए वार्षिक मूल्य(रु999) हमे 9654531723 पर PayTM/ GogglePay /PhonePe या फिर UPI : ashu.319@oksbi के जरिये देकर उसकी डिटेल हमे व्हाट्सएप अवश्य करे