ग्रेटर नोएडा में किसान एकता संघ ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष युवा विक्रम नागर के नेतृत्व में बुधवार को यमुना प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र सिंह को एक ज्ञापन सौपा। इस ज्ञापन में किसानों ने यमुना एक्सप्रेसवे और भूमि अधिग्रहण सहित कई महत्वपूर्ण मांगों को रखा। किसान नेता विक्रम नागर ने बताया कि अगर इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो 16 फरवरी से यमुना प्राधिकरण पर अनिश्चितकालीन धरना सभा आयोजित करके आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
क्या है मांगें?
- ज्ञापन में किसानों ने निम्नलिखित मांगों के साथ यमुना प्राधिकरण से न्याय की गुहार लगाई:
- आबादी निस्तारण की निश्चितता – किसानों द्वारा लीज की गई भूमि के लिए उचित मुआवजा और निस्तारण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग।
- यमुना एक्सप्रेसवे का 64% और 10% प्लाट – किसानों को एक्सप्रेसवे के निर्माण में अधिगृहित भूमि के 64% और 10% प्लाट देने की आवश्यकता व्यक्त की गई।
- युवाओं के लिए 50% रोजगार – कंपनियों में किसान युवाओं के लिए 50% रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की मांग।
2013 के भूमि अधिग्रहण बिल के प्रतिबंध – सभी भूमि अधिग्रहण में 2013 के कानून को लागू करने की आह्वान।
किसान नेता श्रीकृष्ण बैसला ने कहा, “हमारी पहली प्राथमिकता किसान और युवाओं के हित में निर्णय है। यदि अधिकारियों द्वारा हमारी बात नहीं सुनी गई तो हम 16 फरवरी से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे।” इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पंडित प्रमोद शर्मा, बिक्रम नागर, राजसिंह ठेकेदार, जगदीश शर्मा, डॉ. इमरान खान आदि मौजूद थे।
यमुना प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र सिंह ने कहा कि ज्ञापन की मांगें गंभीरता से देखी जाएंगी और जल्द संघ को आधिकारिक जवाब दे दिया जाएगा।
किसान एकता संघ के सदस्यों का कहना है कि 16 फरवरी तक जिला प्रशासन और यमुना प्राधिकरण के निर्णय का इंतजार रहेगा। अगर कोई जवाब नहीं मिला तो एक बड़े पैमाने पर धरना शुरू कर दिया जाएगा, जिसमें किसानों और युवाओं की भागीदारी होगी।


