नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) के रिक्त पद को लेकर प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज़ हो रही है। डॉ. लोकेश एम. को हटाये जाने के बाद, अब नए सीईओ की नियुक्ति के लिए कई वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों के नामों पर विचार किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, दो अनुभवी अधिकारी – सुरेन्द्र सिंह (IAS) और डा. रोशन जैकब (IAS) – इस पद के प्रमुख दावेदार बताये जा रहे हैं पर किसी नए नाम को लाकर भी सरकार चौंका सकती है
सुरेन्द्र सिंह ने मई‑2022 में ग्रेटर नोएडा के सीईओ के रूप में कार्यभार संभालते ही अतिक्रमण हटाने और भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई का संकल्प लिया। हालांकि, केवल चार महीने बाद, सितंबर‑2022 में उन्हें दिल्ली के उपराज्यपाल के सचिव के रूप में स्थानांतरित कर दिया गया । हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सचिव नियुक्त किया गया है, वे पहले भी मुख्यमंत्री कार्यालय में रह चुके हैं और दिल्ली के उपराज्यपाल के सचिव के रूप में तीन साल की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के बाद लौटे हैं।
दूसरी ओर, डा. रोशन जैकब, जो पिछले सात वर्षों तक लखनऊ के मंडलायुक्त के रूप में सेवा कर चुकी हैं, वर्तमान में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSSAI) विभाग की सचिव हैं। लखनऊ में उनके कार्यकाल को अक्सर “परिचालनात्मक कुशलता और जन‑विश्वास की मिसाल” कहा जाता है। कोविड‑19 महामारी के प्रबंधन के दौरान उन्होंने स्थानीय स्वास्थ्य सेवा के पुनर्गठन, राहत वितरण और सार्वजनिक संवाद को सुदृढ़ करने में प्रमुख भूमिका निभाई, जिससे उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भरोसेमंद सहयोगी के रूप में पहचान मिली।
नोएडा प्राधिकरण के लिए नई नियुक्ति के लिए ऐसे अधिकारी की तलाश की जा रही है, जिसने पहले भी औद्योगिक विकास या बड़े शहरी प्रशासन में सफलता का प्रमाण दिया हो। राज्य सरकार ने अभी तक किसी नाम पर आधिकारिक दस्तख़त नहीं किए हैं, पर यह मान लिया जा रहा है कि चयन प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है और इसी सप्ताहांत तक घोषणा हो सकती है, किन्तु अगर किन्ही कारणों से देरी होगी तो कार्यवाहक सीईओ के तोर पर नोएडा प्राधिकरण के वर्तमान एसीईओ कृष्णा करुणेश को जिम्मेदारी दी जा सकती है ।



