सेक्टर-150 टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी स्थित एक शोक सभा में रविवार को युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता के पिता राज कुमार मेहता ने जलजमाव वाले गड्ढे में गिरने वाले घटनाक्रम पर गहरी निराशा व्यक्त की। उन्होंने बचाव दल द्वारा लापरवाही करने पर निंदा करते हुए घटना के लिए कठोर से कठोर कार्रवाई की मांग की।
युवराज मेहता (25) रात्रि 11 बजे अपने आवास लौट रहे थे, जब जलजमाव वाले एक अपद्रवित गड्ढे में उनके कार गिर गयी। उनके पिता के अनुसार, बेटे ने जीवित रहने के लिए लगभग दो घंटे तक संघर्ष किया, लेकिन बचाव दल द्वारा उचित कदम न उठाए जाने के कारण उनका निराशाजनक अंत हो गया। राज कुमार मेहता ने बताया कि, “मेरे बेटे को बचाना आसान था, लेकिन प्रशासन की लापरवाही ने उनके जीवित रहने के संभावनामूलक क्षणों को बर्बाद कर दिया। हम युवराज के लिए न्याय चाहते हैं, इसलिए गैर-जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।”
बेटे की मौत के बाद मैं टूट चुका था मगर मीडिया ने मेरा हौसला बढ़ाया मैं सभी का धन्यवाद करता हूँ,
उन्होंने बताया कि घटना के बाद से सुनिश्चित नागरिकों, मीडिया, सोसाइटी निवासियों और स्थानीय प्रशासन द्वारा परिवार के साथ दिया गया साथ उनके लिए संगठित शक्ति बन गई। राज कुमार मेहता ने भारतीय डिलीवरी बॉय मोनिंदर को धन्यवाद दिया, जो नाले में छलांग लगाकर युवराज को बचाने का प्रयास कर रहे थे। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार को भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने घटना का संज्ञान लेते हुए विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है।
पिता ने बेटे की चरित्रवती जिंदगी की यादों के साथ भी आगे कदम बढ़ाया, “युवराज बहादुर निश्चित थे, मुश्किलों के बीच हमेशा स्वयं संघर्ष करते थे। हम चाहते हैं कि भविष्य में कोई युवराज इस तरह की त्रासदी का शिकार न बने।”



