विश्वेश्वरैया इंजीनियरिंग कॉलेज (VIT) के कैंपस में एक छात्रा के साथ कथित रूप से यौन शोषण का मामला सामने आने के बाद कॉलेज परिसर में तनाव का माहौल बन गया है। बड़ी संख्या में छात्र शुक्रवार को कॉलेज के बाहर धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। विरोध का कारण यह है कि कॉलेज प्रशासन ने घटना की शिकायत मिलने के बाद भी समय पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे छात्रों में आक्रोश फूट पड़ा।
छात्रों में आक्रोश: “न्याय की मांग तक धरना जारी रहेगा”
छात्रों का आरोप है कि पीड़िता ने कॉलेज प्रशासन के सामने अपनी आपबीती रखी थी, लेकिन प्रशासन ने इस मामले को आंतरिक बताकर घटना को दबाने का प्रयास किया। “हमने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की, लेकिन कोई गुना नहीं लिया गया। इसी लापरवाही के कारण पीड़िता की मानसिक स्थिति बिगड़ गई है,” एक छात्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया।
इस बीच, एक छात्रा का रोते-बिलखते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसने मामले को और तूल पकड़ा दिया। वीडियो में छात्रा न्याय की गुहार लगा रही है। इस वीडियो ने अन्य छात्रों को भावुक कर दिया, जिसके बाद विरोध का दायरा बढ़ गया।
“हमारे कैंपस में कोई सुरक्षित नहीं है। अगर अब कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तो हम अपना धरना बढ़ाएंगे,” एक छात्र नेता ने विरोध के दौरान नारे लगाते हुए कहा।

पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया
घटना की जानकारी मिलते ही दादरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों से बातचीत करके स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। पुलिस ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
“एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है। पूरे मामले की गहन जांच चल रही है। हम निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे,” पुलिस अधिकारी ने बताया। अधिकारियों का कहना है कि मौके पर कानून व्यवस्था पूरी तरह बनी हुई है।
कॉलेज पहले भी रहा विवादों में
छात्रों ने बताया कि VIT इंजीनियरिंग कॉलेज पहले भी कई मामलों में चर्चा में रहा है — चाहे शिक्षण सुविधाओं की कमी हो, छात्र सुरक्षा का मुद्दा हो या आचार संहिता के उल्लंघन के मामले हों। “हर बार प्रशासन मामले को दबा देता है। इस बार हम सब खुलकर सामने आए हैं क्योंकि हम सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे,” एक छात्रा ने कहा।
छात्रों ने मांग उठाई है कि केवल आरोपी के खिलाफ ही नहीं, बल्कि कॉलेज प्रशासन के खिलाफ भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पीड़िता को पूरी कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता दी जाए।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
कॉलेज प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे छात्रों का आक्रोश और बढ़ गया है। स्थानीय निवासी भी चिंता व्यक्त कर रहे हैं। “हम चाहते हैं कि न्याय जल्द से जल्द मिले और ऐसी घटनाएं फिर न हों। यह केवल एक कॉलेज का मामला नहीं, बल्कि हमारे समाज की सुरक्षा का मुद्दा है,” एक निकटवर्ती निवासी ने कहा।
पुलिस ने छात्रों को शांति बनाए रखने की अपील की है और वादा किया है कि मामले की पारदर्शी जांच की जाएगी। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा है कि वे अपना धरना तब तक जारी रखेंगे, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं।


