उत्तर प्रदेश के जेवर विधानसभा में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) की कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। इसके अन्तेर्गत यातायात के दबाव को कम करने और एयरपोर्ट तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए यमुना तटबंध पर 23 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड बनाये पर सहमति हो गयी है । इस प्रोजेक्ट को यूपीडा (UPIDA) द्वारा विकसित किया जाएगा और इसके निर्माण के लिए नोएडा प्राधिकरण के बोर्ड से अनुमति भी मिल चुकी है।
तीन प्राधिकरण मिलकर वहन करेंगे खर्च
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए यूपीडा जल्द ही उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग से एनओसी (NOC) प्राप्त करेगा। इस एलिवेटेड रोड के निर्माण में आने वाले खर्च को तीनों प्राधिकरण—नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण—मिलकर वहन करेंगे। इससे पहले इस रोड के निर्माण की जिम्मेदारी एनएचएआइ (NHAI) को देने की बात चल रही थी, लेकिन बोर्ड और शीर्ष अधिकारियों की बैठक के बाद तय किया गया कि यूपीडा ही इसका निर्माण करेगा।
6 लेन का होगा एक्सप्रेसवे
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ के अनुसार यह एलिवेटेड रोड 6 लेन का होगा। यह ओखला बैराज से होते हुए हरनंदी यमुना के रास्ते यमुना एक्सप्रेसवे तक जाएगी। इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि दिल्ली से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जाने के लिए सीधी कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। इससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर दबाव होगा कम
वर्तमान में नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाले एक्सप्रेसवे पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इस नई एलिवेटेड रोड के बनने से एक्सप्रेसवे पर यातायात का दबाव काफी हद तक कम होगा। यह लिंक रोड जीरो प्वाइंट पर यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगी, जिससे एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को जाम से भी निजात मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार, इस एलिवेटेड रोड पर यात्रियों की सुविधा के लिए दो स्थानों पर प्रवेश और निकास के लिए लूप या अंडरपास बनाने की योजना है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा और क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।


