उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में बन रहा इंतजार अब लगभग खत्म हो चुका है। जेवर में निर्मित हो रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) इसी महीने यानी फरवरी में शुरू हो जाएगा। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रेस कान्फ्रेंस में इसकी घोषणा करते हुए बताया कि एयरपोर्ट का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और एरोड्रोम लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने भरोसा जताया कि फरवरी में ही प्रधानमंत्री इसका उद्घाटन करेंगे।
स्थानीय लोगों के लिए बड़ी सौगात
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना प्रदेश और देश के लिए ऐतिहासिक साबित होगी। इसके संचालन से लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। नोएडा एयरपोर्ट के शुरू होते ही उत्तर प्रदेश देश का ऐसा राज्य बन जाएगा, जहां पांच अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट संचालित होंगे। अभी लखनऊ, वाराणसी, कुशीनगर और अयोध्या में इंटरनेशनल एयरपोर्ट काम कर रहे हैं।
क्या हैं खासियतें?
पहले चरण में करीब 1300 हेक्टेयर में बना नोएडा एयरपोर्ट एक ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है, जिसे पीपीपी मॉडल के तहत विकसित किया गया है। यूं तो इसका पहला चरण सितंबर 2024 में पूरा किया जाना था, लेकिन तकनीकी और निर्माण कारणों से इसमें थोड़ी देरी हुई।
इस एयरपोर्ट की सबसे बड़ी खासियत इसकी बेहतरीन कनेक्टिविटी है। स्थानीय निवासी यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के जरिये आसानी से एयरपोर्ट तक पहुंच सकेंगे। भविष्य में इसे मेट्रो और रैपिड रेल से जोड़ने की भी योजना है।
दिल्ली एयरपोर्ट पर दबाव कम होगा
इस एयरपोर्ट के चालू होने से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर दबाव कम होगा। साथ ही, यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के यात्रियों के लिए एक प्रमुख एविएशन हब बनेगा। इससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और औद्योगिक विकास व रियल एस्टेट सेक्टर को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


