नोएडा, 2 फरवरी 2026: सेक्टर-150 में हुए दर्दनाक हादसे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में आज मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। अदालत ने एमजेड विजटाउन (MZ Wiztown) के निदेशक अभय कुमार की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने आरोपी को फिलहाल न्यायिक हिरासत में ही रखने का आदेश दिया है।
कोर्ट में क्या हुआ?
मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष दोनों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अभय कुमार को राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने आरोपी की रिमांड बढ़ाने की मांग पर विचार करते हुए फिलहाल उसे न्यायिक हिरासत में ही रखने का निर्देश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 13 फरवरी 2026 को निर्धारित की गई है।
लोटस ग्रीन बिल्डर के दो आरोपियों को मिली जमानत इस मामले में एक अन्य बड़ा अपडेट यह है कि लोटस ग्रीन बिल्डर के दो अन्य आरोपियों, रवि बंसल और सचिन करणवाल को पहले ही सशर्त जमानत मिल चुकी है। जमानत मिलने के बाद अब ये दोनों आरोपी बाहर हैं, जबकि एमजेड विजटाउन के निदेशक अभय कुमार अभी जेल में ही रहेंगे।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला तब चर्चा में आया जब 16 जनवरी की रात भारी कोहरे के कारण युवराज मेहता की कार सेक्टर-150 स्थित निर्माणाधीन बेसमेंट के गहरे गड्ढे में जा गिरी थी। गड्ढे में बारिश का पानी भरा होने के कारण युवराज की डूबने से मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे नोएडा में सनसनी मचा दी थी और स्थानीय निवासियों में निर्माण कार्यों को लेकर भारी आक्रोश था।


