आबादी बचाने और रोजगार दिलाने की मांग को लेकर सोमवार को किसान संगठनों ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। किसानों ने यीडा कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए ‘आबादी बचाओ, रोजगार दिलाओ’ के नारे लगाए। किसानों ने प्राधिकरण पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में भेदभाव करने का आरोप लगाया है।
किसानों का आरोप है कि प्राधिकरण के अधिकारी कालोनाइजरों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उनकी वर्षों पुरानी आबादी को तोड़ रहे हैं, जबकि उनके मामले अभी विचाराधीन हैं। किसानों ने रोजगार दिलाने में वादाखिलाफी का भी आरोप अधिकारियों पर लगाया है।
किसान एकता संघ के नेतृत्व में प्रदर्शन
किसान एकता संघ के कार्यकर्ताओं ने यीडा कार्यालय पर प्रदर्शन किया, जिसके बाद एक महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में किसान परिषद के सुखबीर खलीफा और किसान सभा के रूपेश वर्मा ने पहुंचकर अपना समर्थन दिया।
किसान एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सोरन प्रधान ने कहा कि प्राधिकरण के अधिकारी लंबे समय से किसानों का शोषण कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “आबादी बचाने और रोजगार दिलाने के नाम पर किसानों को हमेशा गुमराह किया गया है। किसानों की पुस्तैनी आबादियों को धारा 10 का नोटिस देकर तोड़ा जा रहा है, जबकि अवैध रूप से कालोनी काटने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।”
प्रधान ने आगे कहा कि किसानों में प्राधिकरण के खिलाफ जबरदस्त रोष है और संगठन किसानों और युवाओं की मांगों को लेकर आंदोलन से पीछे हटने वाला नहीं है।
प्राधिकरण पर लगे गंभीर आरोप
किसान नेताओं ने प्राधिकरण को किसानों से रोजगार के लिए किए गए वादे को पूरा करने की मांग की। उन्होंने लीजबैक, अतिरिक्त मुआवजा वितरण और सात प्रतिशत आबादी भूखंड के विलंब पर भी प्राधिकरण अधिकारियों को खरी-खरी सुनाई। किसानों ने चेतावनी दी कि उनकी पुरानी आबादी तोड़ने की कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एसीईओ ने दिया दो महीने का आश्वासन
किसानों के बीच पहुंचे यीडा के एसीईओ राजेश कुमार सिंह ने दो महीने में किसानों की आबादियों का निस्तारण करने का आश्वासन दिया। उन्होंने अवैध रूप से काटी गई और काटी जा रही कालोनियों के ध्वस्तीकरण और युवाओं को नौकरी दिलाने का भी आश्वासन दिया। उच्च स्तरीय वार्ता कराने पर सहमति के बाद महापंचायत समाप्त हुई।
इस दौरान सतीश कनारसी, ऊदल आर्य, विक्रम नागर, पप्पे नागर, प्रमोद शर्मा, वनीश प्रधान, मेहरबान, जगवीर नंबरदार, उम्मेद एडवोकेट आदि उपस्थित रहे।


