राज्य सरकार ने पूछ‑ताछ का दायरा बढ़ाते हुए, विभागीय जांच में अनदेखी को “अनुचित” कहा; विशेषज्ञों ने प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही के लिये कड़ी कार्रवाई की पुकार की
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा (एनएलए) तीनों विकास प्राधिकरणों में रहे और अंडरग्राउंड केबलिंग घोटाले से जुड़े पूर्व इंजीनियर‑इन‑चीफ़ यादव सिंह के मामलों की पुनः जाँच में अब नौ‑वर्षीय “उल्टी गिनती” शुरू हो गई है। इस चरण में आर पी सिंह (वर्तमान महाप्रबंधक जल‑सीवर एवं ई‑एंड‑एम), निजामुद्दीन (नोएडा से स्थानांतरण) और प्रमोद (नोएडा से स्थानांतरण) को भी विभागीय कार्यवाही के दायरे में लिया जाएगा।
जांच कब कहाँ कैसे हुई ?
प्राधिकरण के सीईओ के निर्देशानुसार, कार्मिक विभाग के ओएसडी प्रमुख अशोक कुमार शर्मा की अध्यक्षता में दो वरिष्ठ प्रबंधकों की विशेष जांच‑कमेटी गठित की गई है।इस कमेटी को “न्यायिक‑समीक्षा” के साथ‑साथ “वित्तीय‑साक्ष्य” एवं “टेंडर‑प्रक्रिया” की जाँच करने का आदेश मिला है, ताकि 2020‑2022 के दौरान घोटाले में शामिल छद्म‑कंपनियों के लफ़्ज़ी‑टेंडर को पुख़्ता तौर पर उजागर किया जा सके।
विभागीय सूचना के अनुसार, सीबीआई ने ऊपर लिखे तीन अधिकारियों को अपने चार्जशीट में शामिल कर लिया है, परन्तु इस तथ्य को लेकर प्राधिकरण के भीतर “किसी भी स्तर पर विभागीय जांच शुरू नहीं की गई है”। सरकार ने कई बार इस पर सवाल उठाया, परन्तु प्राधिकरण से लगातार “जवाब नहीं” मिलने के कारण, राज्य सरकार ने “कड़ी आपत्ति” जताई और प्राधिकरण को तत्काल स्पष्ट करने का आदेश दिया।
2020‑2022 के अंडरग्राउंड केबलिंग प्रकरण की पृष्ठभूमि
2020 में, यादव सिंह सहित 20 अधिकारियों को अंडरग्राउंड केबलिंग के टेंडर में “चहेती कंपनियों” को अनुचित लाभ पहुँचाने के आरोप में चार्जशीट जारी हुई थी। उस दौर में तीन प्रमुख अधिकारियों को “बचाया” गया, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में रुकावट की धारा स्पष्ट हुई।
शिकायतकर्ता‑गवाह आर पी सिंह विभागीय कार्यवाही के दायरे में
केबलिंग घोटाले को दर्ज करने वाले एपीई आर पी सिंह ने 2024‑25 में सेक्टर‑39 थाने में तहरीर दायर की थी और सीबीआई की जांच में गवाह के रूप में भाग लिया था। 250‑से‑अधिक बार उन्हें सीबीआई के कार्यालय में बुलाया गया, परन्तु अब वही अधिकारी “खुद ही विभागीय कार्यवाही के दायरे में आ गए हैं”।
सीबीआई ने अंडरग्राउंड केबलिंग घोटाले में इन अधिकारियों को घोटाले में किया गया था चार्जशीट
- यादव सिंह, पूर्व सीएमई, जल नोएडा
- रामेंद्र पीई, ईएंडएम-2 डिवीजन
- जेपी सिंह एपीई, ईएंडएम-2 डिवीजन
- धर्मराज जेई, ईएंडएम-2 डिवीजन
- वेदपाल सीनियर पीई, ईएंडएम डिवीजन और ईएंडएम-3 डिवीजन
- मान सिंह एसएफओ, ईएंडएम-2 डिवीजन
- डीआर आर्य एपीई, ईएंडएम-2 डिवीजन
- केपी सिंह एफसी, नोएडा
- राजीव कुमार जेई, ईएंडएम-2 डिवीजन
- सुशील कुमार सीएफएंडएओ, नोएडा
- आरडी शर्मा जेई, ईएंडएम-2 डिवीजन
- एसी सिंह एफसी, नोएडा
- संतराम सीपीई, नोएडा
- जीएस चौधरी जेई, ईएंडएम-3 डिवीजन
- राजेश शर्मा जेई, ईएंडएम-3 डिवीजन
- केके पांडे सीपीई, नोएडा
- एसके अग्रवाल एपीई, ईएंडएम-3 डिवीजन
- वीके मांगलिक पीई, इएंडएम-3 डिवीजन
- एसके श्रीवास्तव सीपीई, नोएडा
- आरके गोयल एपीई, इएंडएम-3
- जावेद अहमद प्रोपराइटर, एमएस / गुल इंजीनियर कंपनी


