समाजवादी नोएडा महानगर की मासिक बैठक रविवार को नोएडा के एक बैंकट हॉल में आयोजित की गई आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में नोएडा विधानसभा के SIR प्रभारी रमेश प्रजापति एवं व्यापार सभा के प्रभारी अक्षय जैन शामिल हुए । मासिक बैठक में इस बार SIR के कारण आम जनता को हो रही परेशानियों प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और इसके संभावित सामाजिक प्रभावों पर चर्चाएं हो रही थी पर पदाधिकारियों ने एस ए आर अभियान के साथ साथ यहां से विधानसभा चुनाव लड़ने के दावेदारी के विषय पर भी रस लेकर चर्चा की।
जानकारी के अनुसार पूर्व महानगर अध्यक्ष राकेश यादव ने बैठक वर्तमान महानगर अध्यक्ष आश्रय गुप्ता की दावेदारी को लेकर चर्चा करते हुए कहा कि अब आश्रय गुप्ता जी को जिले में अधिक से अधिक लोगों से मिलने जुलने पर अपना ध्यान लगाना चाहिए। साथ ही अपने समाज के लोगों को पार्टी से जोड़ने के लिए बड़ा अभियान चलाना चाहिए।
इसके बाद कई अन्य दावेदारों ने खड़े होकर महानगर अध्यक्ष आश्रय गुप्ता की जगह अपने-अपनी दावेदारी की बातें भी की। पूरे प्रकरण में रोचक बात ही रही कि अब तक तीन बार चुनाव हार चुके सुनील चौधरी ने स्पष्ट तौर पर इस बार चुनाव न लड़ने की बात कही।
बैठक में हंगामा तब हो गया जब कार्यकर्ताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ा रहे प्रदेश सचिव स्तर के एक नेता ने बिना नाम लिए पार्टी के ही दावेदारों में से एक नेता पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्होंने अपने कार्यक्रम में सपा के नेताओं की जगह बीजेपी के नेताओं को बुलाकर सम्मान ओर स्वागत कर दिया । प्रदेश सचिव ने सपा नेता को सीधा-सीधा भाजपा के पैरोल पर बता दिया और संगठन को ऐसे नेताओं पर सख्त कार्यवाही करने की मांग कर दी ।
इसके बाद बैठक में इस बात को लेकर चर्चा ज्यादा रही कि आखिर वह नेता कौन है जिसके ऊपर प्रदेश सचिव स्तर के नेता ने ऐसे संगीन आरोप लगा दिए हैं। वहीं सूत्रों की माने तो उक्त नेता और प्रदेश सचिव के बीच भी इन बातों को लेकर तू तू मैं में तक हो गई।
वैसे कार्यक्रम के अंत में कुछ नेता दबी जुबान से इस मासिक बैठक को भाजपा नेता के बैंक्वेट हॉल में करने को लेकर भी चर्चा करते दिखे। लोगों ने पूछा आप तक अग्रसेन धर्मशाला में हो रही बैठक को भाजपा नेता के बैंक्वेट हॉल करने के पीछे क्या कारण होगा।
दरअसल सपा नेताओं का भाजपा नेताओं से ऐसे फेवर लेने के किस्से नए नहीं हैं। बीते दिनों गौतम बुद्ध नगर के एक प्रवक्ता पर भी भारतीय जनता पार्टी के एमएलसी से अपने स्कूल के लिए लाखों रुपए सेंक्शन करवाने का खेल सामने आया था जिसमें कहा गया था कि एमएलसी चुनाव से पहले इस तरीके से नेताजी ने अपनी पार्टी के प्रत्याशी की सौदेबाजी कर ली।
बैठक में उपस्थित मुख्य लोगों में प्रदेश सचिव राकेश यादव, जयकरण चौधरी, सुभाष भाटी ,मुन्ना आलम, मोहम्मद तसलीम, मोनू खारी, मुकेश प्रधान, महकार तंवर, गौरव कुमार यादव, रामवीर यादव ,बाबूलाल बंसल, मनोज गोयल, फूल सिंह, गौरव सिंघल ,राणा मुखर्जी, राम सहेली, नेहा पांडे, बबली शर्मा, अंकुर पहलवान, गौरव यादव ,लखन यादव, उदय सिंह, लोकेश यादव, विपिन चौहान, रोहित यादव ,नकुल चौहान ,जाहिद खान, सोहेल ,आसिफ, वीर बहादुर ,सिद्दीकी, निर अवाना, कृष्ण प्रसाद गुप्ता, आलोक वर्मा, सुनील कुमार ,विश्वास ,मनीष गोयल, शिवकुमार यादव ,अंकुर बंसल ,देवेंद्र खारी रविंदर ,रंजन कुमार, शिव प्रताप ,विवेकानंद दीपक, रंजीत पटेल, पंकज कुमार झा, संतोष कुमार ,कृपाल सिंह ,खेमचंद, नीरज चौटाला
मुख्य रूप से उपस्थित रहे।


