प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के शेष हिस्से और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन कर दिया है। इसके साथ ही, 82.15 किलोमीटर लंबा यह पूरा हाई-स्पीड कॉरिडोर अब जनता के लिए खुल गया है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के अध्यक्ष जयंत चौधरी भी प्रधानमंत्री मोदी के साथ मौजूद रहे।
सुबह शताब्दी नगर नमो भारत स्टेशन पर आयोजित एक समारोह में प्रधानमंत्री ने नमो भारत ट्रेन और मेरठ मेट्रो को हरी झंडी दिखाई। इसके बाद, उन्होंने स्वयं नमो भारत ट्रेन में सफर किया और मेरठ साउथ स्टेशन तक यात्रा की। इस दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रेन में मौजूद स्कूली बच्चों से बातचीत की और अधिकारियों से परियोजना से संबंधित विस्तृत जानकारी भी ली।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना लगभग 30,274 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई है, जिसमें 70 किलोमीटर एलिवेटेड और 12 किलोमीटर भूमिगत सेक्शन शामिल हैं। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर देश की पहली रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तीव्र, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन प्रदान करना है।
उद्घाटन समारोह के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ में लगभग ₹12,930 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया और उन्हें देश को समर्पित किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे, शहरी विकास और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना है।
यह कॉरिडोर न केवल दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा के समय को काफी कम करेगा, बल्कि गाजियाबाद सहित बीच के शहरों को भी तेज और आरामदायक कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और लोगों के जीवन स्तर में सुधार आने की उम्मीद है।


