एनसीआर खबर का X‑सर्वे, पहले दिन आश्रय गुप्ता ने सपा में सारे रिकार्ड किये ध्वस्त, वैश्य समुदाय के सबसे बड़े नेता बन कर उभरे

आशु भटनागर
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आशु भटनागर। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं पार्टी पिछले कुछ समय से लगातार प्रत्याशियों के ऊपर मंथन कर रही है । वहीं अखिलेश यादव गौतम बुध नगर जिले से ही विधानसभा चुनाव की रैली का शंखनाद करने जा रहे हैं।

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ऐसे में लोगों के मन में एक ही प्रश्न था कि नोएडा महानगर से समाजवादी पार्टी के लिए प्रत्याशी कौन होगा। लोगों की जन भावनाओं को समझते हुए एनसीआर खबर ने फिजाओं में चल रहे हैं। तीन प्रमुख नाम को आधार बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स (x)एक सर्वे एक दिन पूर्व शुरू किया था । जिसमें वर्तमान नोएडा महानगर अध्यक्ष डॉ आश्रय गुप्ता वर्तमान नोएडा विधानसभा अध्यक्ष बबलू चौहान और 2024 में नोएडा से लोकसभा का टिकट हासिल कर चुके राहुल अवाना शामिल थे ।

प्रमुख डेटा‑पॉइंट्स (X‑सर्वे, 1 दिन‑पहला परिणाम)

प्रत्याशीसमर्थन प्रतिशतटिप्पणी
डॉ. आश्रय गुप्ता (वर्तमान नोएडा महानगर अध्यक्ष)62 %सामुदायिक‑संतुलन, युवा‑परिवर्तन और पार्टी‑आंतरिक भरोसे का प्रतीक
बबलू चौहान (वर्तमान नोएडा विधानसभा अध्यक्ष)26 %अनुभवी, स्थानीय जड़ें, थाकुर‑समुदाय के समर्थन की आशा
राहुल अवाना (2024 के लोकसभा प्रत्याशी समाजवादी पार्टी , गुर्जर‑समुदाय)7 %गुर्जर‑स्थायी आधार कमजोर, सीमित जन‑धारणा
अन्य/बड़े नाम की माँग8 %“किसी दमदार नेता” की इच्छा, विरोधी‑फ़ार्म में जीत की आशा

*सर्वे अगले दो दिन जारी रहेगा; परिणाम बदल सकते हैं, पर प्रारंभिक प्रवृत्ति स्पष्ट है।


तीन दिनों तक चलने वाले सर्वे के पहले दिन पहले दिन पूरा होने पर राहुल अवाना को मात्र दो पॉइंट 7% लोगों ने पसंद किया जबकि बबलू चौहान को 26% लोगों ने पसंद किया है। वही आश्रय गुप्ता इन सब में आगे जाकर 62% लोगों की पसंद बन गए हैं। इन सब के बावजूद 8% लोग ऐसे हैं जो यह चाहते हैं कि इन तीनों की जगह नोएडा महानगर से कोई बड़ा दमदार नाम सामने आए ताकि नोएडा से भाजपा को हराया जा सके। ऐसे में सभी का आंकलन ज़रूरी है।

1. आश्रय गुप्ता की मजबूत स्थिति – क्यों 62 % समर्थन?

पहले दिन के सर्वे में मिले पहले दिन के आंकड़ों से नोएडा महानगर में समाजवादी पार्टी के टिकट के दावेदारों के बीच आश्रय गुप्ता की मजबूत स्थिति कई बातों को साबित कर रही है । अब तक मिले वोटो के आधार पर एक बात तो तय है कि आश्रय गुप्ता नोएडा महानगर के पूर्व अध्यक्षों राकेश यादव, दीपक विग आदि से अधिक लोकप्रिय प्रतीत हो रहे हैं । सोशल‑मीडिया (X) पर उनकी सक्रिय उपस्थिति, नीति‑प्रसार और युवा वर्ग से सीधे संवाद ने उनकी ‘आधुनिकीकरण’ की छवि को बढ़ाया है। वो वैश्य समाज के भी वो एक उभरते हुए सर्वमान्य नेता की पहचान बना रहे हैं दरअसल वैश्य समाज में नोएडा महानगर से अभी तक राजनेताओं में मनोज गुप्ता विपिन अग्रवाल बाबूलाल बंसल जैसे नाम सामने आते रहे हैं । इनके अलावा विनय अग्रवाल, मनोज गोयल गौरव सिंघल जैसे कुछ नए नाम भी बीते एक से दो सालों में संघर्ष करके आगे बढ़ते दिखाई दिए हैं। ऐसे में वैश्य समाज से समाजवादी पार्टी में लगातार यह प्रश्न उठ रहा था कि क्या आश्रय गुप्ता सब की पसंद है या फिर वैश्य समाज से ही कोई अन्य बड़ा नाम सामने आएगा। यह चर्चा इसलिए भी थी क्योंकि गौरव सिंघल ओर विनय अग्रवाल ने बीते वर्ष वैश्य समुदाय को लेकर एक बड़ा कार्यकम किया था। वो अलग बात है कि अंतिम समय पर गौरव सिंघल इस कार्यक्रम से चुपचाप बाहर हो गए थे या कर दिए गये थे।
ऐसे में डॉ आश्रय गुप्ता ने जिस तरीके की मजबूत लाइन अपने समुदाय के नेताओं के बीच खींच दी है उसे एक बात तय है कि फिलहाल नोएडा महानगर समाजवादी पार्टी में आश्रय गुप्ता न सिर्फ वैश्य समुदाय बल्कि पार्टी के अंदर सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभर रहे हैं ।

2. बबलू चौहान – अनुभवी, समाजवादी पार्टी से भाजपा के विरोध दमदार चेहरा


आश्रय गुप्ता के बाद दूसरा चेहरा बबलू चौहान का भी है बबलू चौहान भी लगातार रेस में बने हुए हैं दरअसल बबलू चौहान को टिकट देने के पीछे शहर में समाजवादी पार्टी के नेताओं का तर्क यह है कि अगर जिले से भाजपा के ठाकुर कद्दावर नेता पंकज सिंह को चुनौती देनी है तो फिर उसके लिए ठाकुर समुदाय से ही एक सक्षम नेता सामने आना चाहिए । 26 % समर्थन दर्शाता है कि उनके पास एक कोर आधार है, परन्तु व्यापक शहरी मतदाता वर्ग तक पहुंच सीमित है। ऐसे में अभी तक के मिले वोट से ये समझा जा सकता है कि बबलू चौहान का ‘स्थिरता‑परिकल्पना’ छोटे‑शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कारगर है, परन्तु नोएडा के उच्च‑आय वर्ग को आकर्षित करने के लिये उन्हें नई नीति‑प्रस्तावों की आवश्यकता है।

3. राहुल अवाना – कम समर्थन, चर्चाये जयादा


वही इस समय सबसे खराब हालत फिलहाल गुर्जर समुदाय से आने वाले राहुल अवाना के दिख रहे हैं दरअसल नोएडा महानगर सीट पर गुर्जरों की स्थिति दादरी के मुकाबले बेहद कमजोर है नोएडा महानगर में गुर्जर और यादव दोनों ही वैश्य, ब्राह्मण के साथ साथ पंजाबी, कायस्थ ओर ठाकुर समुदाय के मुकाबले भी बेहद कम है। ऐसे में राहुल अवाना को मिल रहे लगभग तीन प्रतिशत वोट उनकी दावेदारी को कमजोर भी कर रहे हैं।

4. ‘बड़े नाम’ की माँग – 8 % मतदाता क्या चाहते हैं?

  • परिवर्तन‑की चाह – यह वर्ग ‘बदलाव’ और ‘नया नेतृत्व’ की इच्छा रखता है, संभवतः एक राष्ट्रीय‑स्तर के स्टार को प्रत्याशी बनाने की आशा।
  • फ्रेम‑विचार – यदि एसपी एक ‘डायनामिक‑सेंटर’ को आगे लाता है, तो यह वर्ग का समर्थन संभावित रूप से 10‑15 % तक बढ़ सकता है।

कॉल‑टू‑एक्शन

सर्वेक्षण अभी भी दो दिन और जारी है। यदि आप अभी तक अपनी पसंद दर्ज नहीं की है, तो X (formerly Twitter) पर जाकर “#SPNoidaChoice” हैशटैग के साथ अपनी राय दें। आपका वोट न केवल किसी एक उम्मीदवार को नहीं, बल्कि सम्पूर्ण प्रदेश में सामाजिक‑समानता एवं विकास‑परक राजनीति को आकार देगा।

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आशु भटनागर बीते 15 वर्षो से राजनतिक विश्लेषक के तोर पर सक्रिय हैं साथ ही दिल्ली एनसीआर की स्थानीय राजनीति को कवर करते रहे है I वर्तमान मे एनसीआर खबर के संपादक है I उनको आप एनसीआर खबर के prime time पर भी चर्चा मे सुन सकते है I Twitter : https://twitter.com/ashubhatnaagar हम आपके भरोसे ही स्वतंत्र ओर निर्भीक ओर दबाबमुक्त पत्रकारिता करते है I इसको जारी रखने के लिए हमे आपका सहयोग ज़रूरी है I एनसीआर खबर पर समाचार और विज्ञापन के लिए हमे संपर्क करे । हमारे लेख/समाचार ऐसे ही सीधे आपके व्हाट्सएप पर प्राप्त करने के लिए वार्षिक मूल्य(रु999) हमे 9654531723 पर PayTM/ GogglePay /PhonePe या फिर UPI : ashu.319@oksbi के जरिये देकर उसकी डिटेल हमे व्हाट्सएप अवश्य करे