ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने जिले में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष पहल शुरू की है। सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर प्राधिकरण की टीम अब आवंटियों और निवेशकों से सीधे मुलाकात कर रही है, ताकि आईटी सेक्टर की अड़चनों को समझा जा सके और उन्हें दूर करने के लिए ठोस सुझाव एकत्र किए जा सकें।
सीईओ के निर्देश पर कार्यवाही
प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार की मंशा है कि आईटी भूखंडों की नई स्कीम लांच करने से पहले मौजूदा आवंटियों और इच्छुक निवेशकों की समस्याओं का समाधान किया जाए। इसी क्रम में, प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी और आईटी विभाग की टीम कंपनियों के प्रबंधन से संपर्क कर उनके सुझाव ले रही है।
हाल ही में प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह और एसीईओ प्रेरणा सिंह ने टेकजोन-4 स्थित पांच कंपनियों—ओसियन इंफ्रा हाइट्स, एसपीआई आईटी, एडवांस कंप्यूसॉफ्ट, अर्था इंफ्राटेक और भूटानी आईटी पार्क का दौरा किया। उन्होंने कंपनियों के प्रतिनिधियों से आईटी सेक्टर की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।
इन मुद्दों पर हुई चर्चा
अधिकारियों ने कंपनियों के प्रबंधन से आईटी भूखंडों के आवंटन की शर्तों में संभावित बदलाव, भूखंड आवंटित होने के बाद उद्यम शुरू करने में आ रही दिक्कतों, और आईटी क्षेत्र की उन श्रेणियों पर बात की जिनमें रोजगार और निवेश की सबसे अधिक संभावनाएं हैं। कंपनियों ने भी अपनी समस्याएं और सुझाव अधिकारियों के सामने रखे।
सुझावों को बोर्ड के समक्ष रखा जाएगा
एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने कहा कि आईटी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए प्राधिकरण हर संभव कदम उठाने को तैयार है। आईटी कंपनियों से प्राप्त सुझावों को प्राधिकरण बोर्ड और शासन के समक्ष रखा जाएगा। अनुमति मिलने के बाद ही आगे की कार्यवाही की जाएगी, ताकि निवेशकों को बेहतर माहौल मिल सके।
ग्रेटर नोएडा में आईटी की अपार संभावनाएं
ग्रेटर नोएडा में आईटी सेक्टर के लिए अपार संभावनाएं हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर के नजरिए से यह एनसीआर के अन्य शहरों से आगे है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के जल्द शुरू होने से कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। यहां आईटी के लिए भूखंडों की पर्याप्त उपलब्धता है, जिससे निवेशकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। प्राधिकरण जल्द ही नई स्कीम लाना चाह रहा है, ताकि जिले में आईटी और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा मिल सके।


