नोएडा प्राधिकरण की पर्यावरण सेल ने सेक्टर-45 स्थित मैसर्स आम्रपाली सफायर सोसायटी (भूखंड सं. जीएच-02) का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सोसायटी में स्थापित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के संचालन में गंभीर खामियां पाई गईं, जिसके बाद प्राधिकरण ने कड़ा रुख अपनाया है।
मानकों के अनुरूप नहीं मिला एसटीपी संचालन जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि सोसायटी परिसर में स्थापित एसटीपी मानकों के अनुरूप संचालित नहीं किया जा रहा है। इसके साथ ही सोसायटी प्रबंधन द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) के नियमों का भी पालन नहीं किया जा रहा था।
पर्यावरणीय कानूनों के उल्लंघन पर जुर्माना पर्यावरणीय कानूनों के उल्लंघन—विशेष रूप से जल अधिनियम 1974, वायु अधिनियम 1981, और ठोस अपशिष्ट नियम 2000 एवं 2016 के प्रावधानों का पालन न करने पर—प्राधिकरण ने सोसायटी पर ₹73,40,000 (तिहत्तर लाख चालीस हजार) का अर्थदंड अधिरोपित किया है।
लगातार उल्लंघन और एफआईआर की संस्तुति प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि आम्रपाली सफायर सोसायटी द्वारा पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन लगातार जारी है, जो कि माननीय राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के स्पष्ट निर्देशों के विपरीत है। सोसायटी की इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए, प्राधिकरण ने तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करने हेतु उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को अवगत करा दिया है।

पेशेवरों और नागरिकों से अपील प्राधिकरण ने सभी आवासीय समितियों और नागरिकों से अपील की है कि वे पर्यावरणीय नियमों का कड़ाई से पालन करें और एक स्वच्छ एवं सुरक्षित नोएडा के निर्माण में सहयोग प्रदान करें। यह कार्रवाई शहर में पर्यावरण अनुपालन सुनिश्चित करने के प्राधिकरण के संकल्प को दर्शाती है।


