नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में आज, 2 फरवरी 2026 को सूरजपुर स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट में अहम सुनवाई होने वाली है। इस सुनवाई का विषय एमजेड विजटाउन (MZ Wiztown) के निदेशक अभय कुमार की जमानत याचिका और उनकी न्यायिक हिरासत है।
बता दें कि पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अभय कुमार की न्यायिक हिरासत को 2 फरवरी तक के लिए बढ़ा दिया था। आज की सुनवाई में कोर्ट यह तय करेगा कि अभय कुमार की न्यायिक हिरासत आगे बढ़ाई जाएगी या उन्हें मामले की प्रकृति (जमानती या गैर-जमानती धाराओं के आधार पर) को देखते हुए राहत दी जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि नोएडा के सेक्टर-150 में स्थित एक निर्माणाधीन परियोजना के पास युवराज मेहता की कार गहरे पानी भरे गड्ढे में गिर गई थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने निर्माण स्थल पर लापरवाही बरतने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने के आरोप में एमजेड विजटाउन के निदेशक अभय कुमार को 22 जनवरी 2026 को नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने इस मामले में गैर-इरादतन हत्या (धारा 105 BNS) और लापरवाही से मौत (धारा 106(1) BNS) सहित कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। साथ ही, पर्यावरण और जल प्रदूषण से जुड़ी धाराओं में भी कार्रवाई की जा रही है।
इस मामले में पुलिस ने लोटस ग्रीन बिल्डर्स के दो कर्मचारियों, रवि बंसल और सचिन करनवाल, को भी गिरफ्तार किया था। हालांकि, कोर्ट ने इन दोनों कर्मचारियों को पहले ही जमानत दे दी है। अब देखना यह है कि कोर्ट अभय कुमार के मामले में क्या फैसला सुनाती है।
स्थानीय निवासियों की निगाहें आज की सुनवाई पर टिकी हुई हैं, क्योंकि यह मामला निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों और जिम्मेदारी के सवालों को लेकर काफी चर्चा में रहा है।


