आशु भटनागर। यात्रियों की सुविधा और बेहतर कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार ने नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (NMRC) की एक्वा लाइन को बोटैनिकल गार्डन से बढ़ाकर नोएडा सेक्टर-142 तक करने की मंज़ूरी दे दी है। यह निर्णय नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच यातायात को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं
इस नए मेट्रो कॉरिडोर की लंबाई 11.56 किलोमीटर होगी, जो पूरी तरह से एलिवेटेड (ऊंचा) होगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹2,254.35 करोड़ आंकी गई है। इस विस्तार को पूरा करने का लक्ष्य मंज़ूरी की तारीख से चार वर्षों के भीतर रखा गया है।
इस 11.56 किमी लंबे मार्ग पर कुल आठ स्टेशन बनाए जाएंगे। इन स्टेशनों में शामिल हैं:
बॉटनिकल गार्डन
नोएडा सेक्टर-44
नोएडा ऑफिस
नोएडा सेक्टर-97
नोएडा सेक्टर-105
नोएडा सेक्टर-108
नोएडा सेक्टर-93
पंचशील बालक इंटर कॉलेज
कनेक्टिविटी और यात्रियों को लाभ
इस विस्तार का सबसे बड़ा लाभ बॉटनिकल गार्डन स्टेशन पर मिलने वाली इंटरचेंज सुविधा होगी। यहां से यात्री दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन पर आसानी से स्विच कर सकेंगे। इससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली के बीच यात्रा करने वालों के लिए समय की बचत होगी।
यह कॉरिडोर इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट (IGI), प्रमुख रेलवे स्टेशनों और बोराकी में बनने वाले मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब तक पहुंचने के रूट को भी सरल बनाएगा। इसके अलावा, यह मार्ग नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के साथ-साथ स्थित IT/ITES हब और शैक्षणिक संस्थानों तक सीधी पहुंच प्रदान करेगा।
कुल मेट्रो नेटवर्क में वृद्धि
इस नए सेक्शन के जुड़ने से नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कुल ऑपरेशनल मेट्रो नेटवर्क लगभग 61.62 किलोमीटर तक पहुंच जाएगा। यह विस्तार मौजूदा 29.707 किमी एक्वा लाइन, हाल ही में स्वीकृत बोराकी डिपो एक्सटेंशन (2.60 किमी) और दिल्ली मेट्रो द्वारा संचालित नोएडा के 17.761 किमी नेटवर्क को मिलाकर तैयार होगा।
स्थानीय विकास और भविष्य
इस परियोजना के पूरा होने पर स्थानीय निवासियों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही, यह पर्यावरण के अनुकूल यातायात को बढ़ावा देगा और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को प्रोत्साहित करेगा। यह परियोजना क्षेत्रीय यातायात योजना (Regional Transport Planning) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे भारत और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया जा रहा है।
नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (NMRC) ने इस मंज़ूरी पर खुशी जताई है और इसे ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न के अनुरूप शहरी गतिशीलता को मजबूत करने वाला कदम बताया है।


