लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियां अभी से तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने इन चुनावों के लिए अपनी ‘फिल्डिंग सजा’ दी है, जिसके तहत उन्होंने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (PK) की कंपनी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) को अपने चुनावी अभियान की रणनीति तैयार करने का जिम्मा सौंपा है।
सूत्रों के मुताबिक, I-PAC की टीम जल्द ही लखनऊ पहुंचकर अपना काम संभाल लेगी। यह कदम सपा की ओर से 2027 के महत्वपूर्ण चुनावों के लिए एक गंभीर और सुनियोजित शुरुआत का संकेत है।
जानकार बताते हैं कि प्रशांत किशोर की कंपनी को हायर करने की सलाह अखिलेश यादव को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दी थी। इन दोनों ही नेताओं ने अपने-अपने राज्यों में चुनावों के दौरान I-PAC के साथ मिलकर सफलतापूर्वक काम किया है।
बताया जा रहा है कि इस साझेदारी को अंतिम रूप देने के लिए अखिलेश यादव और प्रशांत किशोर के बीच कई बैठकें हुईं। पहली मुलाकात दिसंबर 2025 में दिल्ली में हुई थी। इसके बाद जब अखिलेश यादव हाल ही में पश्चिम बंगाल के दौरे पर गए थे, तब उनकी प्रशांत किशोर से दोबारा मुलाकात हुई, जिसके बाद समाजवादी पार्टी ने I-PAC को आधिकारिक तौर पर हायर करने का निर्णय लिया।
सपा का यह कदम यूपी की राजनीति में एक नई हलचल पैदा करने वाला माना जा रहा है। 2027 विधानसभा चुनाव से काफी पहले एक बड़े रणनीतिकार की एंट्री यह दर्शाती है कि समाजवादी पार्टी सत्ता में वापसी के लिए किसी भी तरह की कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती और उसने अभी से अपनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है।


