नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में एक दर्दनाक हादसे में 20 फीट गहरे गड्ढे में गिरने से एक युवक की मौत हो गई। युवक की पहचान कमल के रूप में हुई है। इस मामले में पुलिस ने शनिवार को सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार देर रात जनकपुरी वी-ब्लॉक स्थित जोगिंदर सिंह मार्ग पर दिल्ली जल बोर्ड की ओर से खोदा गया गड्ढा युवक के लिए जानलेवा बन गया। करीब 20 फीट गहरे इस गड्ढे में गिरे कमल ने मदद न मिलने पर तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।
मंत्री ने लिया घटनास्थल का जायजा
आज सुबह दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार सभी अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच जारी है।
मंत्री आशीष सूद ने कहा, “किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। सभी विभागों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। इन निर्देशों के अनुसार सड़क को सुचारू रूप से संचालित कराया जाएगा, ताकी लोगों को कम से कम असुविधा हो। इस घटना से हम भी आहत हैं। इसमें सुधार के लिए स्वयं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता निगरानी कर रही हैं।”
सुरक्षा मानकों की उड़ाई गई धज्जियां
घटनास्थल के निरीक्षण में सामने आया कि पिछले कई महीनों से दिल्ली जल बोर्ड का सीवर लाइन से जुड़ा कार्य चल रहा था। करीब छह मीटर लंबा, चार मीटर चौड़ा और 4.25 मीटर गहरा गड्ढा खोदा गया था। हालांकि सड़क के कुछ हिस्सों पर बैरिकेडिंग की गई थी, लेकिन खुदाई स्थल के आसपास सुरक्षा के अनिवार्य मानकों का पूर्ण रूप से पालन नहीं किया गया।
गड्ढे के बावजूद दुपहिया वाहनों की आवाजाही जारी थी, जबकि ऐसी स्थिति में ट्रैफिक डायवर्ट किया जाना जरूरी था। बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेतों की कमी और रात्रि दृश्यता के लिए रिफ्लेक्टर न होने से यह स्थल आम नागरिकों के लिए जानलेवा बन गया।
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब नोएडा में हुए एक समान हादसे के बाद 24 जनवरी को दिल्ली जल बोर्ड ने सभी इंजीनियरों और काम करने वाली एजेंसियों को निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों के सख्त पालन को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद जनकपुरी की घटना ने इन आदेशों के जमीनी स्तर पर पालन और निगरानी व्यवस्था की पोल खोल दी है।
कार्रवाई जारी
बीते दिन शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी में चूक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित करने के आदेश दिए। संबंधित निर्माण कार्य को अंजाम दे रही एजेंसी के विरुद्ध भी जांच शुरू कर दी गई है। दोष सिद्ध होने की स्थिति में एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने सहित कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।


