लाइट, कैमरा, एक्शन! मुख्यमंत्री आए, प्रधानमंत्री भी वर्चुअली आए, पर इंडिया चिप सेमीकंडक्टर कंपनी शिलान्यास के साथ भी फिल्मसिटी का कुछ नहीं हुआ, क्या सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए शर्मिंदगी का कारण बन जायेगी बेव्यू भूटानी फिल्मसिटी ?

आशु भटनागर
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आशु भटनागर । 21 नवंबर फरवरी 2026 शनिवार को उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर के यीड़ा क्षेत्र में उत्तर भारत के पहले सेमीकंडक्टर यूनिट का शिलान्यास बेहद जोर-शोर से कर दिया गया। इस शिलान्यास कार्यक्रम में स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल उपस्थित होकर स्वयं शिलान्यास का बटन दबाया। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि भारत अब सॉफ्टवेयर ही नहीं हार्डवेयर का भी हब बनेगा । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर स्थानीय विधायक और सांसद सब इस अवसर पर क्षेत्र के विकास के सपने दिखाने से नहीं चुके।

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इस सारे कार्यक्रम के बीच लोगों की निगाहें बीते कुछ दिनों से चल रही उन अफवाहों को लेकर बोनी कपूर और उनकी कंपनी बेव्यू भूटानी फिल्मसिटी प्राइवेट लिमिटेड को भी ढूंढ रही थी जिसमें कहा गया था कि 21 फरवरी को सेमीकंडक्टर यूनिट के साथ-साथ बे व्यू भूटानी फिल्म सिटी का भी शिलान्यास अधिकृत तौर पर हो सकता है।

मगर हुई वही जो राम रचि राखा । फिल्मी अंदाज में कहे तो लाइट कैमरा एक्शन सब हुआ बस नहीं हुआ तो फिल्म सिटी के शिलान्यास का कार्यक्रम । दरअसल 2020 में कोरोना के समय जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट फिल्म सिटी की 1000 एकड़ में बनाने की घोषणा की थी । तभी से यह कहा जा रहा था कि अगर यह फिल्म सिटी वाकई यहां बन गई तो गौतम बुद्ध नगर  को उत्तर भारत में एक बड़ा फिल्म उद्योग का हब बनाने से कोई नहीं रोक पाएगा । लेकिन मुख्यमंत्री के सपने को उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने फिर उसी गलती के साथ दोहरा दिया जो कमोबेश 25 साल पहले नोएडा की सेक्टर 16 में बनाई गई फिल्म सिटी के साथ किया गया था ।

NOIDA FILM CITY
प्रतीकात्मक चित्र

अधिकारियों ने फिल्म सिटी के लिए इस बॉलीवुड के बोनी कपूर पर भरोसा किया, जिनके पिता सुरेंद्र कपूर भी नोएडा के सेक्टर 16 में स्टूडियो खरीदने वालों की लिस्ट में सबसे पहले अप्लाई किया था और बाद में उस स्टूडियो को बेच कर यहां से वापस मुंबई चले गए थे।

तमाम शर्तों के बदलाव के बाद जब 1000 एकड़ में से किसी तरीके से 230 एकड़ जमीन बोनी कपूर को आगे करके बे व्यू भूटानी फिल्म प्राइवेट लिमिटेड  (Bayview Bhutani Film City Pvt Ltd)  को दिया था, तब से ही इसके भविष्य को लेकर तमाम प्रश्न उठने लगे थे। कंसेशनायर कंपनी के साथ एग्रीमेंट साइन होने के 1 साल पूरा होने तक जब लेआउट प्लान जैसी प्रारंभिक शर्ते भी पूरी नहीं हुई तो बार-बार यह चर्चा हुई कि आखिर चल क्या रहा है?

इसके बाद बड़ा बवाल तब शुरू हुआ जब यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह ने मीडिया से बातचीत में स्वीकार किया की फिल्म सिटी के बहाने स्पोर्ट्स सिटी घोटाले की तरह फिल्म सिटी के अलावा बाकी कमर्शियल पार्ट को बेचने की कोशिश पहले की जा रही है। जिसके बाद प्राधिकरण सख्त हुआ और लगातार मीटिंग्स के बाद यह हुआ कि पहले फेस में सिर्फ स्टूडियो और फिल्म इंस्टीट्यूट बनाए जाएंगे बाकायदा उसके लिए फेस वाइज मैप अप्रूवल की व्यवस्था की गई, सब कुछ सही होने ही वाला था कि 30 जून 2025 को डॉक्टर अरुण वीर सिंह का सेवा विस्तार नहीं हुआ बस इसी के बाद फिल्म सिटी का भविष्य अंधकार में हो गया ।

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फिल्म सिटी के शिलान्यास के कार्ड तक बांटे गए पर हर बार बस हुआ ही नहीं

कहा जाता है उनके बाद आए नए सीईओ राकेश कुमार सिंह का फिल्म सिटी में फिलहाल कोई खास इंटरेस्ट नहीं है । वह स्वयं 3 महीने बाद सेवानिवृत होकर 1 साल के पुनर नियुक्ति पर अपने कार्यकाल को धीरे-धीरे पूरा कर रहे हैं जिसमें से लगभग आधा समय निकल चुका है बाकी बचे महीने भी निकल ही जाएंगे । यमुना प्राधिकरण में स्वयं लोग कह रहे हैं कि अभी यहां अगले तीन-चार महीने तक तो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का  उद्घाटन भी नहीं होगा तो उससे फिल्म सिटी के भविष्य पर तो अनिश्चितकालीन प्रशंचिहं लगना स्वाभाविक है।

दरअसल प्राधिकरण की ओर से फिल्म सिटी को लेकर बोनी कपूर और भूटानी के बीच चल रहे आंतरिक  विवाद से जानबूझकर नजर हटाई जा रही है । शुरू से ही सीईओ  राकेश कुमार सिंह का फिल्म सिटी में कोई इंटरेस्ट ना होने के कारण कंसेशनर कंपनी को इसे टालने के बहाने मिलते जा रहे हैं। ऐसे में जब कुछ हफ्ते पहले 21 फरवरी को सेमीकंडक्टर यूनिट के शिलान्यास के समाचार मीडिया तक पहुंचे तो एक बार फिर से फिल्म सिटी को लेकर प्रश्न उठने शुरू हुए। जिसके जवाब में बेव्यू भूटानी के संपर्क में आए पत्रकारों ने दावे से यह कहा कि “अब की बार शिलान्यास पार” । इसके बाद बेव्यू भूटानी ने भी बाकायदा फिल्मी शिगूफा छोड़ा और बोनी कपूर की आने वाली फिल्म मॉम 2 के एक क्लाइमैक्स सीन के शूटिंग के बहाने लखनऊ दरबार को यह कन्वेंस करने की कोशिश करी कि इसके जरिए फिल्म सिटी का काम शुरू हो रहा है।

सूत्रों की माने तो लखनऊ दरबार में बोनी कपूर के शिगूफे को मानने से इनकार कर दिया और बोनी कपूर द्वारा फिल्म सिटी के शिलान्यास को भी इसी डेट पर करवाए जाने के प्रस्ताव पर कोई रिस्पांस ही नहीं किया । इसके बाद आज 21 फरवरी को वही हुआ जिसकी अपेक्षा की जा रही थी।

ऐसे में अब बड़ा प्रश्न यह है कि क्या फिल्म सिटी का शिलान्यास के नाम पर मॉम 2 की शूटिंग के लिए बनाए जा रहे लकड़ी के घर का कार्य आगे बढ़ेगा? क्या “मॉम2″की शूटिंग वाकई दावा की जा रही 25 फरवरी से शुरू होगी या फिर यह मान लिया जाए कि मुख्यमंत्री को बरगलाने के लिए बोनी कपूर और भूटानी का जो शिगूफा फेंका गया था, वह फेल हो गया है तो ऐसे में अब फिलहाल यहां फिल्म की शूटिंग होने की संभावना भी काम ही होगी।

और अगर इस बार भी शिलान्यास के नाम पर ही सही मॉम 2 की फिल्म की शूटिंग का शिगूफा पूरा नहीं हुआ तो क्या यह माना जाए की उत्तर प्रदेश सरकार ने बोनी कपूर की बेव्यू भूटानी को जो फिल्म सिटी का एग्रीमेंट किया है वह आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए शर्मिंदगी का विषय बनकर रह जाएगा।

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आशु भटनागर बीते 15 वर्षो से राजनतिक विश्लेषक के तोर पर सक्रिय हैं साथ ही दिल्ली एनसीआर की स्थानीय राजनीति को कवर करते रहे है I वर्तमान मे एनसीआर खबर के संपादक है I उनको आप एनसीआर खबर के prime time पर भी चर्चा मे सुन सकते है I Twitter : https://twitter.com/ashubhatnaagar हम आपके भरोसे ही स्वतंत्र ओर निर्भीक ओर दबाबमुक्त पत्रकारिता करते है I इसको जारी रखने के लिए हमे आपका सहयोग ज़रूरी है I एनसीआर खबर पर समाचार और विज्ञापन के लिए हमे संपर्क करे । हमारे लेख/समाचार ऐसे ही सीधे आपके व्हाट्सएप पर प्राप्त करने के लिए वार्षिक मूल्य(रु999) हमे 9654531723 पर PayTM/ GogglePay /PhonePe या फिर UPI : ashu.319@oksbi के जरिये देकर उसकी डिटेल हमे व्हाट्सएप अवश्य करे