नवेदिता यादव। शहर के कई हिस्सों में दूषित पेयजल की सप्लाई का मामला अब संसद तक पहुंच गया है। चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी ने शुक्रवार को लोकसभा में जीरो आवर के दौरान इस गंभीर मुद्दे को उठाने की अनुमति मांगी है।
सांसद ने लोकसभा के महासचिव को नोटिस भेजकर कहा है कि शहर में कई स्थानों पर लोगों को बदबूदार और असुरक्षित पानी मिल रहा है, जिससे बड़ी संख्या में नागरिक बीमार पड़ रहे हैं। उन्होंने खास तौर पर मौली जागरां और उससे सटे इलाकों का जिक्र किया, जहां निवासियों ने गंदे पानी की शिकायतें की हैं।
स्थानीय निवासियों की परेशानी बढ़ी
स्थानीय लोगों के मुताबिक, नल से आने वाले पानी में बदबू और गंदगी है। कई घरों में बच्चों और बुजुर्गों को पेट संबंधी समस्याएं और बुखार की शिकायतें सामने आई हैं। इससे पूरे क्षेत्र में चिंता और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
इस बीच, मौली जागरां में गंदे पानी के कारण कुछ दिनों पहले 8 साल की एक बच्ची की मौत का मामला भी सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
सांसद ने उठाए गंभीर सवाल
मनीष तिवारी ने अपने नोटिस में कहा कि यह स्थिति जल गुणवत्ता की निगरानी, पाइपलाइन के रखरखाव और स्वच्छता प्रबंधन में गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करती है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब नियमित जांच के दावे किए जा रहे हैं तो फिर लगातार शिकायतें क्यों मिल रही हैं। इससे संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा होता है।
मांगें और सुझाव
सांसद ने केंद्र और संबंधित एजेंसियों से मांग की है कि तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं, स्वतंत्र एजेंसियों से नियमित जल परीक्षण कराया जाए, जिम्मेदारी तय की जाए और बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया जाए ताकि शहरवासियों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल मिल सके।


