आशु भटनागर। उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में बस अब एक वर्ष का समय रह गया है । प्रदेश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी ने अपने चुनावी अभियान का आरंभ नोएडा से ही करने की घोषणा कर दी है । ऐसे में नोएडा में 10 वर्षों से जनता से विमुख रहे भाजपा विधायक पंकज सिंह क्या कर रहे हैं ? या फिर इस सवाल को यूं कहें कि दरअसल जनता से विमुख रहे भाजपा विधायक पंकज सिंह को आप क्या करना चाहिए था ?
पंकज सिंह को क्या करना चाहिए था इस सवाल से पहले यह जानना जरूरी है कि नोएडा में लोगों की आम समस्याएं क्या हैं, मुद्दे क्या है दरअसल नोएडा एक तेजी से विकसित होता शहर है अभी तक 10 वर्षों में यहां उद्योगों के साथ-साथ लोगों के रहने के लिए फ्लैट बनाए गए उन फ्लैटस की रजिस्ट्री आज तक संभव नहीं हुई। नोएडा शहर में लाखों फ्लैट्स की रजिस्ट्री के बाद दूसरा नंबर यहां गांव में आबादी और डूब क्षेत्र में की जमीन पर अवैध कॉलोनी के काटे जाने की समस्याएं शुरू हुई। पूर्व सरकारों के समय से ही यहां पर डूब क्षेत्र में तमाम कालोनियां काट दी गई 10 वर्षों से लगातार इन बातों को कहा जाता रहा कि डूब क्षेत्र में बने इन मकानों को हटाया जाना आवश्यक है यमुना और हिंडन के किनारे सफाई के साथ-साथ उनको संरक्षित करने के लिए इन अवैध अतिक्रमणों को हटाकर गुजरात की तरह यहां भी पर्यटक स्थल विकसित करने चाहिए ,किंतु बीते 10 वर्षों से नोएडा के विधायक पंकज सिंह सत्ता सुख लेते रहे हैं।
अब जब सेटर 150 में युवराज मेहता की मृत्यु के बाद तीसरी बार चुनाव से पहले जब लोगों में विधायक की राजशाही वाली कार्यशैली और शहरी समाज के प्रति उदासीनता को लेकर चर्चाएं की तो विधायक जी आम शहरी लोगों की बातों की जगह इन्हीं डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बिजली के कनेक्शन दिलाने के लिए विधानसभा में प्रश्न उठाने लगे यह जानते हुए कि हिंडन नदी के बचाव के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी एनजीटी ने इस क्षेत्र में बिजली के कनेक्शन देने पर रोक लगाई हुई है ताकि इसके चलते यहां पर अवैध कॉलोनी को काटा जाने से रोका जा सके।

इस पूरे प्रकरण पर समाजवादी पार्टी के नेता दीपक विग ने एनसीआर खबर से बातचीत में कहा कि क्षेत्र में भाजपा के नेता ही अवैध कॉलोनी के काटे जाने के जिम्मेदार हैं। हिंडन किनारे बरोला सोरखा, सरफाबाद, जलपुरा, बिसरख, तिगड़ी, छिजारसी से लेकर बामेटा तक की कालोनियां भाजपा के नेताओं के संरक्षण में ही काटी गई है। किंतु भाजपा अक्सर अपनी विफलताओं का ठीक रहा समाजवादी पार्टी पर फोड़ देते हैं ।
इसके साथ ही SIR के चलते गौतम बुध नगर जिले में नोएडा के चार लाख 80 हजार वोटर को काट दिया गया है जिसमें लगभग 3 लाख वोट नोएडा क्षेत्र से काटे गए है यह सभी वोटर भाजपा के माने जाते रहे है और यही फर्जी वोटर के चलते नोएडा में भाजपा जीत रही थी ।
ऐसे में पंकज सिंह समाजवादी पार्टी द्वारा 2027 के चुनाव में नोएडा से शुरुआत करने को लेकर भाजपा घबरा गई है। इसी के चलते नोएडा के विधायक पंकज सिंह को अपनी सीट खतरे में लगने लगी है जिसके कारण अब वह शहरी समाज की समस्याओं की जगह ऐसे वॉटर पर केंद्रित करने लगे हैं जिनके जरिए तीसरी बार जीत को सुनिश्चित किया जा सके। चाहे इसके लिए क्षेत्र की नदियों पर्यावरण और सामाजिक संतुलन को ही दाव पर क्यों ना लगा दिया जाए।
किंतु राजनेताओं के दाव पेंच कुछ भी हो पर नोएडा के साथ-साथ यमुना और हिंडन को साफ रखने की कामना करने वाले लोगों के लिए यह प्रश्न महत्वपूर्ण है कि क्या पंकज सिंह वोटो के लिए यमुना और हरनंदी को दाव पर लगाने को तैयार हो गए हैं क्या वोटो की मजबूरी ऐसी है कि उत्तर प्रदेश के 100 विंडो कहे जाने वाले नोएडा को वह मुंबई की धारावी वाला स्लम बनाने को आतुर हो गए है । इस बात का उत्तर पंकज सिंह को ही देना होगा।


