यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YIDA) ने 4 फरवरी 2026 को अपने निर्देशों के अन्तर्गत कई बड़े‑स्तर के अवैध अतिक्रमणों को ध्वस्त कर दिया। मुख्य कार्यपालक अधिकारी सीईओ निर्देशन पर, प्राधिकरण ने हेरिटेज सिटी, राया अर्बन सेंटर और यमुना नदी के किनारे स्थित दो हेक्टेयर की अनधिकृत कॉलोनी सहित कुल 25 हेक्टेयर भूमि को वैध उपयोग‑के लिये मुक्त कराया।
ध्वस्त किए गए क्षेत्र ग्राम पिपरौली खादर, अरूवा खादर और पानी गांव खादर में विस्तृत हैं। इन ज़मीनों की अनुमानित बाजार कीमत लगभग ₹ 1000 करोड़ (एक हेक्टेयर पर औसत ₹ 40 करोड़) बताई जा रही है।
कुल 25 हेक्टेयर भूमि (हेरिटेज सिटी, राया अर्बन सेंटर, यमुना नदी किनारा) की अवैध कब्ज़े‑से मुक्त।
अनुमानित मूल्य ₹ 1000 करोड़।
कार्रवाई YIDA के विशेष कार्य अधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह, डिप्टी कलेक्टर शिव अवतार सिंह, और जिला प्रशासन के सहयोग से हुई।
11 थानों की पुलिस, अतिरिक्त बल एवं पीएसी की मौजूदगी में कार्य शांतिपूर्ण समाप्त।
भविष्य में भी अवैध अतिक्रमण‑विरोधी कड़ी कार्रवाई जारी रखने का संकल्प।
हेरिटेज सिटी के कोर एरिया में निर्माणाधीन अवैध होटल, ढाबे और अन्य ढांचों को तोड़‑फोड़ की गई।यमुना नदी के किनारे लगभग दो हेक्टेयर में विकसित हो रही एक अनधिकृत कॉलोनी को भी ध्वस्त किया गया।अरूवा खादर और पिपरौली खादर में दो बड़ी अनधिकृत कॉलोनियों को रद्द किया गया, जहाँ कई अस्थायी इमारतें और बुनियादी ढांचा मौजूद था।
हेरिटेज सिटी, जिसे राज्य के माननीय मुख्यमंत्री का “ड्रीम प्रोजेक्ट” कहा गया है, में इन अवैध संरचनाओं के कारण विकास कार्य में व्यवधान उत्पन्न हो रहा था।
ध्वस्त‑करण कार्य यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण के विशेष कार्य अधिकारी श्री शैलेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में किया गया। इसके साथ ही डिप्टी कलेक्टर श्री शिव अवतार सिंह, श्री अभिषेक शाही और श्री कृष्ण गोपाल त्रिपाठी ने भी प्रक्रिया में सहयोग दिया।
जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम (मैट्रिक) श्रीमती रितु सिरोही और क्षेत्राधिकारी श्री पी. सिंह ने 11 थानों की पुलिस फोर्स, भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल एवं पीएसी (पब्लिक एजेंसियों का सहयोग) की मौजूदगी सुनिश्चित की। सभी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुई और शाम 6:00 बजे तक जारी रही।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस कदम से भविष्य में वैध विकास के लिये जमीन सुरक्षित रहेगी और अनधिकृत ढाँचों के कारण उत्पन्न त्रासदी‑पूर्ण स्थितियों से राहत मिलेगी। कुछ व्यापारी ने कहा कि उन्होंने इस कार्रवाई से अपने व्यापार में हुए व्यवधान को लेकर चिंता जताई, परंतु अधिकांश लोगों ने इसे “क़ानून की पालना और इलाके के सुसंस्कृत विकास” के रूप में स्वीकार किया।
यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने कहा कि इस तरह की “कठोर और निरंतर” कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी। प्राधिकरण ने सभी अनधिकृत अतिक्रमणों की सूची को अपडेट करने, उचित कानूनी उपायों को लागू करने और वैध परियोजनाओं के लिये भूमि प्रदान करने की प्रतिबद्धता दोहराई।


